Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Delhi Lawyers Protest Traffic Challan Rules: न्यायिक मजिस्ट्रेट से अधिकार छीनने का विरोध, वकीलों ने ... Delhi Tourism News: सीएम रेखा गुप्ता की मौजूदगी में टाउन हॉल प्रोजेक्ट को हरी झंडी, जानिए क्या-क्या ... Shafali Verma Century Asian Games 2026: शेफाली वर्मा ने बांग्लादेश के खिलाफ जड़ा तूफानी शतक, तोड़े क... Hrithik Roshan Upcoming Projects: फिल्मों के बाद अब ओटीटी पर डेब्यू करने जा रहे हैं ऋतिक, जानिए एक्ट... Pakistan PTI News: इमरान खान की रिहाई की मांग से पहले अलीमा खान 30 दिनों के लिए हिरासत में, लाहौर पु... Indian Rupee and Stock Market News: डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ रुपया और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी,... GPMI vs HDMI Cable: एचडीएमआई को टक्कर देने आ गई नई GPMI केबल, जानिए इसके फीचर्स और दोनों में क्या है... Ganpati Visarjan Puja Rules: अनंत चतुर्दशी 2026 के बाद कलश और नारियल का क्या करें? जानिए पूजा से जुड... Period Pain Relief Drink Recipe: अखरोट, अदरक और गुड़ से बनाएं पीरियड्स पेन दूर करने वाली चाय, मिलेंग... Ranchi Hockey News Today: राज्य स्तरीय जवाहरलाल नेहरू हॉकी प्रतियोगिता का दूसरा दिन; रांची के मैदानो...

सिरसा की AAP को ललकार: ‘एक झूठ छिपाने को बोले जा रहे सौ झूठ’, भ्रष्टाचार के आरोपों पर घेरी सरकार

27

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आम आदमी पार्टी, दिल्ली की नेता प्रतिपक्ष अतिशी और पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पूरा मामला झूठ को सच साबित करने की संगठित कोशिश है. आम आदमी पार्टी का राजनीतिक चरित्र शुरू से ही झूठ पर आधारित रहा है. अरविंद केजरीवाल ने हमेशा झूठ बोला उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अब अतिशी द्वारा दिल्ली विधानसभा के भीतर गुरु तेग बहादुर जी के संदर्भ में इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों को झूठ, फॉरेंसिक रिपोर्ट की आड़ में छिपाने की कोशिश की जा रही है.

सिरसा ने कहा कि यह मामला State vs Meta है, न कि उन व्यक्तियों के खिलाफ जिनके सोशल मीडिया अकाउंट्स खंगाले जा रहे हैं. इसके बावजूद पंजाब पुलिस द्वारा अदालत में कई लोगों के फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) अकाउंट्स की सूची पेश की गई, लेकिन किसी को भी पार्टी नहीं बनाया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सच सामने लाने का इरादा था, तो आरोप लगाए गए व्यक्तियों को पार्टी क्यों नहीं बनाया गया.

फॉरेंसिक जांच पर जताई आपत्ति

मंत्री सिरसा ने कहा कि जिस तथाकथित फॉरेंसिक जांच के आधार पर अदालत को गुमराह किया गया, वह जांच बिना मूल विधानसभा वीडियो के की गई, बिना अतिशी को बुलाए, बिना उनका वॉयस सैंपल लिए, और बिना किसी आईटी या साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञ के, बल्कि एक कांस्टेबल द्वारा एआई टूल का इस्तेमाल कर तैयार की गई.

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में कहीं यह स्पष्ट नहीं किया गया कि वीडियो के किस हिस्से में, किस सेकंड से किस सेकंड तक, किस तरह की छेड़छाड़ हुई. केवल यह कह देना कि वीडियो डॉक्टर्ड है, फॉरेंसिक नहीं बल्कि कहानी लेखन है.

पंजाब पुलिस की भूमिका पर सवाल

मंत्री ने कहा कि जब हाईकोर्ट ने पटियाला के एक एसपी की वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया, तो पुलिस ने कोर्ट में यह कह दिया कि ऑडियो सैंपल नहीं मिला, इसलिए जांच नहीं हो पाई. लेकिन इसी पुलिस ने बिना किसी सैंपल और मूल वीडियो के विधानसभा वीडियो की जांच पूरी कर ली.

अतिशी की चुप्पी और राजनीतिक संरक्षण

आतिशी को बचाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह बेहद शर्मनाक है. जिस पुलिस को राज्य में कानून-व्यवस्था संभालनी चाहिए, वह हमारे सोशल मीडिया अकाउंट खंगालने में लगी हुई है. आतिशी को बचाने के लिए पंजाब सरकार खुद केस लड़ रही है. विधानसभा के अंदर गुरु साहिब का जो अपमान आतिशी ने किया है, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है.

धार्मिक भावनाओं पर चोट

मंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान के समय बोले गए शब्द केवल राजनीतिक विवाद से कहीं ज़्यादा एक गंभीर धार्मिक अपराध है. उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रतिदिन गुरुद्वारे में नतमस्तक होते हैं और गुरु मर्यादा का सम्मान जानते हैं, जबकि आम आदमी पार्टी इस पूरे विषय का मज़ाक उड़ाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचा रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.