ईरान विद्रोह की आग से झुलस रहा है. ऐसी आशंका है कि अमेरिका किसी भी वक्त उस पर हमला कर सकता है. इस बीच भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए बड़ी तैयारी की है. सूत्रों का कहना है किईरान में बदलते हालात को देखते हुए विदेश मंत्रालय उन भारतीय नागरिकों को वापस भारत लाने की तैयारी कर रहा है जो भारत लौटना चाहते हैं. इसके लिए सरकार ऑपरेशन शुरू करेगी. इससे पहले सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से वहां उपलब्ध साधनों से निकलने और वहां की यात्रा से बचने के लिए कह चुकी है.
इस मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की. इसे लेकर उन्होंने बताया कि ईरान में बदलते हालात को लेकर विदेश मंत्री से बात की है. उन्हें आश्वासन मिला है कि वहां फंसे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
ईरान के हालात पर विदेश मंत्री से अभी बात की
सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, विदेश मंत्री से ईरान के हालात पर अभी बात की है. उन्होंने जमीनी हालात के बारे में जानकारी दी है. साथ ही उन योजनाओं के बारे में भी बताया है जिन पर मंत्रालय काम कर रहा है.मैं इस आश्वासन के लिए विदेश मंत्री का आभारी हूं कि ईरान में इस समय मौजूद जम्मू-कश्मीर के छात्रों और देश के अन्य राज्यों के लोगों के हितों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे.
ईरान में छात्रों समेत करीब 10 हजार भारतीय
बता दें कि ईरान में पढ़ रहे जम्मू-कश्मीर के छात्रों के अभिभावकों ने केंद्र सरकार से बच्चों को वापस लाए जाने की अपील की है. अनुमान है कि छात्रों सहित करीब 10 हजार भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं. उधर, ईरान में भारतीय दूतावास ने एक नई एडवाइजरी जारी कर छात्रों, व्यापारियों और पर्यटकों समेत वहां मौजूद नागरिकों से वहां से निकलने के लिए कहा है.
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