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जींद की रानी ने बोली- क्या मैं 33 हजार रुपये के लिए रियासत को बदनाम करूंगी?

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जींद: जींद के प्रसिद्ध राजघराने की रानी इंद्रजीत कौर के खिलाफ एक गंभीर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। स्थानीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) जसबीर सिंह की अदालत ने रानी इंद्रजीत कौर को समन जारी कर 29 मई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। यह मामला 24 वर्ष पुराना है, जिसमें आरोप है कि एक ही 240 वर्ग गज के प्लॉट को दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचा गया।

मूल रूप से मांडी कलां गांव के निवासी गोपी राम का दावा है कि उन्होंने 1 दिसंबर 2001 को अमरहेड़ी गांव स्थित इस प्लॉट को रानी इंद्रजीत कौर से 33,600 रुपये में खरीदा था। इकरारनामा होने के बाद रानी ने रजिस्ट्री का वादा किया, लेकिन वर्षों तक रजिस्ट्री नहीं करवाई। गोपी राम ने प्लॉट पर मकान बना लिया और रहने लगे।

साल 2019 में रानी ने रजिस्ट्री के लिए अतिरिक्त 65,000 रुपये और मूल इकरारनामा मांगा, जो गोपी राम ने दे दिए। लेकिन 2 अगस्त 2019 को उन्हें पता चला कि प्लॉट के 90 वर्ग गज हिस्से को रानी ने सुनीता (राजेश कुमार की पत्नी) को बेच दिया है। जब गोपी राम ने विरोध किया तो रानी ने कथित तौर पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी।

पुलिस में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर गोपी राम ने अदालत का रुख किया। छह साल से अधिक की कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने अब समन जारी किए हैं। गोपी राम ने कहा, “न्याय में देरी हुई, लेकिन मिला जरूर।”

दूसरी ओर, रानी इंद्रजीत कौर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह गोपी राम और उनके बेटे राजेश कुमार के बीच पारिवारिक विवाद है। उन्होंने दावा किया कि 2001 में ही प्लॉट का समझौता राजेश के नाम पर हुआ था और अब उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। रानी ने कहा, “क्या मैं 33 हजार रुपये के लिए जींद रियासत को बदनाम करूंगी? मैं कोर्ट में सभी सबूत पेश करूंगी और गोपी राम पर मानहानि का मुकदमा दायर करूंगी।”

राजेश कुमार (गोपी राम के बेटे) ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्लॉट का समझौता शुरू में उनके नाम पर था, लेकिन बाद में पिता ने एग्रीमेंट खुद के नाम करवाने के लिए कहा। उन्होंने परिवार में बंटवारे और पारिवारिक सहमति का हवाला दिया तथा रानी पर लगे धोखाधड़ी के आरोपों को झूठा बताया।यह मामला जींद के राजघराने को विवादों में ला खड़ा कर गया है, और अब अदालत में सुनवाई के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

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