उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हिंदू कॉलेज है. यहां कॉलेज के एक छात्र पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग के हवाले कर दिया गया. इस घटना में छात्र गंभीर रूप से झुलस गया. उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है. घटना के बाद सदर कोतवाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
पुलिस जांच में सामने आए तथ्य बेहद चौंकाने वाले हैं. इस अपराध के पीछे न तो कोई पुरानी रंजिश थी और न ही निजी दुश्मनी, बल्कि केवल ईर्ष्या और हीन भावना से आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया. पीड़ित छात्र फरहाद अली बीकॉम का छात्र है और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहा है. उसकी शैक्षणिक उपलब्धियां, अनुशासन और सकारात्मक छवि के कारण कॉलेज के शिक्षक और सहपाठी उसे विशेष सम्मान की दृष्टि से देखते थे. यही बात आरोपी छात्रों को भीतर ही भीतर खल रही थी.
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि फरहाद की बढ़ती लोकप्रियता और सफलता से वे खुद को उपेक्षित महसूस करने लगे थे. अपनी इसी कुंठा और कथित दबदबा स्थापित करने की सनक में उन्होंने एक खौफनाक साजिश रची. उनका इरादा न केवल फरहाद को गंभीर नुकसान पहुंचाने का था, बल्कि पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की भी योजना थी, ताकि कॉलेज में भय का माहौल बनाया जा सके और शिक्षक व छात्र उनसे डरें.
पेट्रोल डालकर आग लगा दी
घटना वाले दिन जब फरहाद परीक्षा देकर बाहर निकल रहा था, तभी आरोपियों ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. इस हमले में फरहाद गंभीर रूप से झुलस गया और उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है. उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है.
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में शामिल पेट्रोल की बोतल और लाइटर बरामद कर लिए हैं. इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए गए हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कठोर सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.
एक आरोपी कॉलेज से निष्कासित
वहीं, हिंदू कॉलेज प्रशासन ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. एक आरोपी को तत्काल प्रभाव से कॉलेज से निष्कासित कर दिया गया है, जबकि दूसरे को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है. कॉलेज की प्रॉक्टोरियल कमेटी ने साफ कहा है कि परिसर में किसी भी तरह की हिंसा, अनुशासनहीनता या आपराधिक गतिविधि को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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