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पन्ना के महामती प्राणनाथ मंदिर में धर्म ध्वज की पूजा-अर्चना, परंपरा बहुत प्राचीन

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पन्ना : प्राणनाथ समुदाय का दुनिया में सबसे बड़ा मंदिर पन्ना में है. मंदिर की स्थापना महामति श्री 1008 प्राणनाथ जी ने करवाई थी. महामती प्राणनाथ भगवान 1740 में पन्ना आए थे, तब उन्होंने यहां पर बांग्ला जी मंदिर के बगल में धर्म का झंडा स्थापित करवाया था, जो आज भी 400 वर्ष पूरे हो जाने के बाद भी सुरक्षित है. इस झंडे की भक्त पूजा-अर्चना करते हैं. प्राणनाथ संप्रदाय के पूरे विश्व में अनुयाई पन्ना पहुंचकर इस झंडे को प्रणाम करके अपना सौभाग्य मानते हैं.

लकड़ी एवं तांबे का बना झंडा

महामती प्राणनाथ मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध शर्मा बताते हैं यह धर्म का झंडा है, जो महामती प्राणनाथ भगवान ने स्थापित करवाया था. इस झंडे के अंदर लकड़ी है और बाहर से तांबे का वर्क है. ऊपर से सोने की कोटिंग है. यह झंडा 400 वर्ष पहले स्थापित करवाया गया था. मंदिर बनने के पहले यह झंडा महामती प्राणनाथ भगवान ने लगाया था, जो आज भी लगा हुआ है. देश-विदेश से प्राणनाथ धर्म के अनुयायी यहां आते हैं और झंडे को प्रणाम करते हैं.

दशहरे पर बदलता है ध्वज

मंदिर के पुजारी अनिरुद्ध शर्मा बताते हैं “इस ध्वज को प्रतिवर्ष दशहरे पर्व के दौरान बदला जाता है. जब यहां पर विशेष पूजा अर्चना होती है और देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं. दशहरे पर लाखों की संख्या में भक्त आते हैं.” हरीश भाई गुजरात के दाहोद जिला से श्रद्धालु पन्ना पहुंचे हैं. उन्होंने बताया “पन्ना धाम हमारे लिए मुक्तिधाम है.”

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