Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नोएडा के 12वें विशाल कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचे Gauri Shiksha Foundation के चेयरमैन Mukesh Sharma राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— "राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल ... पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट जारी: दिल्ली, मुंबई से पटना तक जानें 8 अगस्त के दाम; क्रूड ऑयल पर ईरान-ओमा... जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ CIK का बड़ा एक्शन, सिम कार्ड दुरुपयोग और UAPA मामलों में कई जिलों ... कर्नाटक के कलबुर्गी में बाढ़ से बिगड़े हालात, उफनती कमलावती नदी में ट्रैक्टर पर शव ले जाकर हुआ अंतिम... बरेली में गजब कारनामा: संदिग्ध परिस्थितियों में गायब महिला दूसरे समुदाय के युवक के घर डबल बेड के नीच... कानपुर देहात में प्रेमी जोड़े को तालिबानी सजा: रस्सी से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा, वीडियो वायरल होने ... यूपी में सियासी घमासान: "सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है"— मायावती और बृजेश पाठक का अखिलेश यादव पर ती... कांवड़ यात्रा नियम: सावन शिवरात्रि पर जल चढ़ाने के बाद भी रखें इन बातों का ध्यान, न करें ये गलतियां कश्मीरी विस्थापितों की वापसी पर संसदीय पैनल की रिपोर्ट: सुरक्षा व आजीविका के आकलन का निर्देश, मिलेगा...

यमुनानगर: छत से गिरने से डेढ़ साल के बच्चे की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाए लापरवाही के आरोप

23

यमुनानगर  : यमुनानगर में एक दर्दनाक हादसे में डेढ़ साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा घर की छत से नीचे गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। घटना के बाद परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए और सही इलाज न मिलने की बात कही।

बच्चे की मौत से मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल

परिवार यमुनानगर के रूपनगर कॉलोनी का रहने वाला है। सुबह 11:00 के करीब बच्चा छत से नीचे गिर जाता है। परिजन हादसे के बाद बच्चे को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन समय पर और सही इलाज नहीं मिला, जिस कारण उनके बेटे की जान चली गई। बच्चे की मौत से मां-बाप का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को गंभीरता से नहीं लिया और जरूरी उपचार में देरी की गई। इसी को लेकर गुस्साएं परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।

डॉक्टरों ने इन आरोपों को बताया गलत 

वहीं अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने इन आरोपों को गलत बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चा दूसरे हॉस्पिटल से रेफर हो कर आया था। बच्चे के सिर में गंभीर चोट थी और उसकी हालत बेहद नाजुक थी। डॉक्टरों के अनुसार, परिजनों को बच्चे की गंभीर स्थिति के बारे में पहले ही जानकारी दे दी गई थी और हर संभव प्रयास किया गया, लेकिन चोट ज्यादा होने के कारण बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और सूचना मिलने पर यहां पहुंच कर मामला शांत करवाया गया है। हुड्डा थाना प्रभारी प्रमोद वालिया ने बताया कि अभी तक कोई शिकायत परिजनों के द्वारा नहीं दी गई है। यदि किसी प्रकार की कोई शिकायत दी जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.