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रिम्स में कुपोषण मुक्त होने आए बच्चों को नहीं मिल रही हैं दवाइयां! सिविल सर्जन रांची से मांगी गई दवा

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रांची: झारखंड में कुपोषण की समस्या बेहद गंभीर है, ऐसे में गंभीर रूप से बीमार कई कुपोषित बच्चे रिम्स पहुंचते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के अपर रेफरल कुपोषण उपचार केंद्र पहुंचने वाले बच्चों को रिम्स में एंटीबायोटिक, आयरन, मल्टी विटामिन, जिंक जैसी सामान्य दवाइयां भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं.

हैरानी की बात यह है कि रिम्स शिशु रोग विभाग के हेड एवं अपर रेफरल कुपोषण उपचार केंद्र के प्रमुख डॉ. राजीव मिश्रा ने जब रिम्स के मेडिसिन स्टोर से हेड को दवा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखकर आग्रह किया तो वहां से जवाब में आया कि स्टोर में ये दवाइयां उपलब्ध ही नहीं हैं.

आइये! एक नजर डालें रिम्स पहुंचने वाले कुपोषित बच्चों के लिए स्टोर से कौन-कौन और कितनी मात्रा में मांगी गई थी दवा

क्रम दवा का नाम मात्रा
1 Amoxicillin
सिरप 700
टैबलेट 30000
2 Iron and Folic Acid
सिरप 700
3 Multivitamin
सिरप 700
4 Zinc
सिरप 700
टेबलेट 12600
5 Magsulph
सिरप 700
6 Potchlor
सिरप 700

‘रिम्स मेडिसिन स्टोर के हेड ने लिखा नॉट अवेलेबल’

राज्यभर से रिम्स पहुंचने वाले अति गंभीर कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए अपर रेफरल कुपोषण उपचार केंद्र के हेड ने हर महीने रिम्स के चाइल्ड ओपीडी में इलाज कराने आने वाले बच्चों के पोषण स्तर पर स्क्रीनिंग और कुपोषित पाए गए औसतन हर महीने के 50 बच्चों के हिसाब से जरूरी सामान्य एंटीबायोटिक्स, आयरन, फॉलिक एसिड, मल्टीविटामिन, जिंक, मैग्नेशियम जैसी दवाओं की मांग की थी. इस पर रिम्स प्रबंधन स्थानीय स्तर पर भी दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करा सकता था लेकिन मेडिसिन स्टोर के मेडिकल अफसर ने कहा कि जिन दवाओं की मांग की गई है, वे दवाइयां रिम्स के स्टोर में उपलब्ध ही नहीं हैं.

रांची सिविल सर्जन से मांगी जाएगी कुपोषित बच्चों के लिए जरूरी दवाइयां

पूरे झारखंड से इलाज कराने रिम्स आने वाले कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए रिम्स के मेडिसिन स्टोर हेड द्वारा मना करने पर अपर रेफरल कुपोषण उपचार केंद्र के हेड और शिशु रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव मिश्रा ने अब रांची सिविल सर्जन को पत्र लिखकर दवा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.

जल्द ही रिम्स के अपर रेफरल कुपोषण उपचार केंद्र द्वारा मांगी गई सभी दवाइयां उपलब्ध करा दी जाएगी. कुपोषित बच्चों को ज्यादातर सामान्य दवाओं और मल्टी विटामिन की जरूरत पड़ती है, ऐसे में जिला स्तर से वहां दवाई पहुंचा दी जाएगी. कुपोषित बच्चों के लिए दवाओं की आने वाले दिनों में कमी न हो, इसके लिए वह जल्द रिम्स के साथ कोऑर्डिनेशन कर आगे की रणनीति बनाएंगे: डॉ. प्रभात कुमार, सिविल सर्जन

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