रायपुर: विकसित भारत गारंटी का रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण कि यह योजना, पूर्व से चल रही मनरेगा की योजना से बहुत बेहतर है. इस योजना में 100 की जगह 125 दिन काम मिलेगा. सबसे बड़ी बात कि इसमें भुगतान को निश्चित किया गया है, यह योजना का सबसे बड़ा फायदा है. विकसित भारत गारंटी की रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण(जी राम जी) को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ये बातें कही. सीएम ने कहा कि पहले की अपेक्षा अब लोगों को ज्यादा फायदा मिलेगा.
मनरेगा से बेहतर है जी राम जी योजना:CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम बहुत अच्छा है, हर महीने इसमें पहले 100 दिन का रोजगार निश्चित था. सीएम ने कहा कि अब इसमें 125 दिन का रोजगार निश्चित है. इस योजना से 25 दिन ज्यादा रोजगार लोगों को मिलेगा. 25 दिन की मजदूरी ज्यादा मिलने से लोगों की दिक्कतें कम होंगी. सीएम ने कहा कि इसमें मजदूरी भुगतान निश्चित किया गया है. एक सप्ताह के अंदर मजदूरी का भुगतान इसमें निश्चित है. इसमें किसी तरह का विलंब नहीं होगा. सीएम ने कहा की यदि मजदूरी भुगतान में देरी होती है, तो उन्हें अतरिक्त राशि देरी शुल्क के रूप में मिलेगा.
हमारा देश कृषि प्रधान देश है. छत्तीसगढ़ भी हमारा धन का कटोरा है. किसानों के पास जब भरपूर काम होगा और धान कटाई का भी सीजन होगा तब यह योजना बंद रहेगी ताकि लोगों को इसका फायदा मिल सके. पूरे साल में 2 महीने तक यह योजना बंद रहेगी. इसका मकसद है किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देना: विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
मनरेगा बनाम जी राम जी को लेकर सियासी विवाद
छत्तीसगढ़ में मनरेगा और जी राम जी योजना को लेकर राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. कांग्रेस के नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा, जिस तरह का काम भारतीय जनता पार्टी कर रही है, वह सिर्फ दिखावा है. इससे किसी तरह का कोई बदलाव नहीं होगा. पूर्व सीएम बघेल ने ये भी कहा कि पहले पूरा पैसा भारत सरकार की तरफ से आता था. अब इसमें 40 फ़ीसदी हिस्सेदारी राज्य सरकार की होगी. ऐसे में परियोजना चलेगी इस पर सवाल है. वहीं छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुआ कहा कि उनके पेट में दर्द होने वाला विषय है. अरुण साव ने कहा कि जब भी कोई राष्ट्र स्तर का निर्णय लिया जाता है, कांग्रेस के लोगों को परेशानी शुरू हो जाती है.
जानिए जी राम जी योजना के बारे में
G RAM G (विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी) अधिनियम, 2025, भारत की नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है, जो एमजीएनआरईजीए का स्थान ले रही है. इसमें प्रति परिवार 125 दिनों के गारंटीकृत कार्य को बढ़ाकर बुनियादी ढांचे (जल, सड़कें, जलवायु लचीलापन) पर ध्यान केंद्रित किया गया है, इसे पीएम गति शक्ति योजना से जोड़ा गया है और मजबूत डिजिटल निगरानी शुरू की गई है, लेकिन इसमें 60 दिनों के कृषि सीजन कार्य विराम और मानकीकृत वित्तपोषण की ओर बदलाव जैसी नई विशेषताएं भी शामिल हैं, जिसका लक्ष्य 2047 तक बेहतर ग्रामीण विकास और आय सुरक्षा प्राप्त करना है.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.