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जम्मू-कश्मीर में नया सियासी भूचाल: मंत्री जावेद राणा बोले- ‘केंद्र के पास कोई विकल्प नहीं, फिर जुड़ेगा लद्दाख’

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जम्मू-कश्मीर के मंत्री जावेद राणा ने लद्दाख को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि वह दिन दूर नहीं जब लद्दाख फिर से जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बन जाएगा. यह टिप्पणी उन्होंने जम्मू क्षेत्र के लिए एक अलग राज्य की मांगों के जवाब में की. पत्रकारों से बातचीत करते हुए राणा ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वह दिन दूर नहीं जब लद्दाख फिर से एकीकृत जम्मू-कश्मीर का हिस्सा बन जाएगा. उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है.

राणा ने आगे कहा कि पीर पंजाल या चिनाब घाटी जैसे क्षेत्रों से अलग राज्य की कोई मांग नहीं उठी है. राणा ने कहा कि केंद्र सरकार के पास इसके अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचेगा और लद्दाख का फिर से विलय अनिवार्य है. उन्होंने 2019 के विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती राज्य के कई हिस्सों को पहले ही अलग किया जा चुका है और अब जो बचा है उसे और विभाजित करना सही नहीं है.

एक समय जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य था

राणा ने कहा कि एक समय जम्मू-कश्मीर पूर्ण राज्य था. इसका एक हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया. गिलगित-बाल्तिस्तान भी पाकिस्तान को दे दिया गया. फिर आपने लद्दाख को उससे अलग कर दिया. अब हमारे पास जम्मू और कश्मीर में क्या बचा है. राणा ने आगे कहा कि जिन्होंने इस भूमि को विभाजित किया, वे अब कनक मंडी (जम्मू का एक क्षेत्र) को भी राज्य बनाना चाहते हैं.

2019 में J-K से अलग हो गया था लद्दाख

मंत्री ने लद्दाख में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए वहां पूर्ण लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा उपायों की बहाली की भी वकालत की. जावेद राणा जम्मू-कश्मीर सरकार में जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण-जनजातीय मामलों के मंत्री हैं. बता दें कि केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था. सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को भी समाप्त कर दिया.

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