इंदौर: भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण 16 लोगों की मौत का आरोप है. वहीं, दो बच्चों में हैजा और 20 मरीजों में डायरिया की पुष्टि हुई है. हैजा के मरीज दोनों बच्चों की उम्र 3 साल है जो फिलहाल चाचा नेहरू अस्पताल में भर्ती हैं. दूषित पानी का मामला उजागर होने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों के भी संक्रमित होने का मामला सामने आया था. जिनमें पूर्व में दो बच्चों की मृत्यु हो चुकी है. भर्ती कराए गए कुल 34 बच्चों में से 25 बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया है. जबकि 9 अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.
3 साल के 2 बच्चे हैजा से पीड़ित
अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. एके शाक्य के मुताबिक, ”भर्ती किए गए बच्चों को आमतौर पर पेट दर्द उल्टी दस्त की शिकायत थी. इन बच्चों में न्यूनतम 2 महीने से लेकर 14 साल के बच्चे एडमिट किए गए थे. हालांकि अधिक उम्र के बच्चों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया. यहां बच्चों की जांच के बाद उन्हें डायरिया आधारित बीमारी की पुष्टि हुई है. इन बच्चों को ईकोलाई और अन्य संक्रमण पाया गया है. इसके अलावा दो बच्चे ऐसे हैं जिन्हें हैजा की पुष्टि हुई है. दोनों बच्चे डॉक्टरों की निगरानी में हैं, जो खतरे से बाहर हैं.
डॉ. एके शाक्य ने बताया, ”जो 25 बच्चे डिस्चार्ज हुए हैं वह भी अब स्वस्थ बताए गए हैं. हालांकि उनके परिजनों को भी पूरा उपचार लेने और खानपान में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.” बीते दिनों इन्हीं बच्चों में से आव्हान नामक एक 6 महीने के बच्चे की दुखद मृत्यु हो गई थी. इसके अलावा एक अन्य बच्चों की भी मौत दूषित पानी से हो बताया गया था. लेकिन अब फिर दो बच्चों को हैजा होने का पता चला है तो अन्य बच्चों को लेकर भी अब ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
स्क्रीनिंग के दौरान डायरिया के 20 नए मरीज मिले
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 9,000 से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग के दौरान डायरिया के 20 नए मरीज मिले हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने पीटीआई को बताया, ”स्वास्थ्य टीमों ने भागीरथपुरा में चल रहे सर्वे के दौरान 2,354 घरों के 9,416 लोगों की जांच की, जहां दूषित पानी से कई लोगों की मौत हो चुकी है, और डायरिया के 20 नए मामलों की पहचान की है. इस प्रकोप के बाद अब तक 398 मरीज़ों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. इनमें से 256 मरीज़ ठीक होने के बाद डिस्चार्ज हो चुके हैं.
जांच के लिए कोलकाता से पहुंची टीम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने कहा कि, ”स्वास्थ्य संकट की जांच के लिए कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इन्फेक्शन्स (NIRBI) की एक टीम इंदौर पहुंची है. NIRBI के विशेषज्ञ इस प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सहायता दे रहे हैं.” प्रशासन ने अब तक छह मौतों की पुष्टि की है. मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने मरने वालों की संख्या 10 बताई थी, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि डायरिया के प्रकोप से छह महीने के बच्चे सहित 16 लोगों की मौत हुई है.
कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
मौतों पर बढ़ते गुस्से के बीच, कांग्रेस ने पूरे मध्य प्रदेश में घंटी बजाकर विरोध प्रदर्शन किया और इंदौर की घटनाओं के बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते समय ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल करने पर वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने धमकी दी है कि अगर पार्टी की सुधार उपायों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो 11 जनवरी को आंदोलन शुरू किया जाएगा. उन्होंने इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव और संबंधित नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है.
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