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सुसाइड नोट नहीं, हाथ पर लिखा नेता का नाम: पुणे में युवक की खुदकुशी से अजित पवार खेमे में हड़कंप

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महाराष्ट्र के पुणे महानगरपालिका चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक युवक के सुसाइड करने से राजनीतिक खेमों में हड़कंप मच गया. अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वार्ड-41 से उम्मीदवार फारुख शेख की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर हडपसर निवासी 56 वर्षीय सादिक उर्फ बाबू कपूर ने सुसाइड कर लिया.

सादिक कपूर ने शनिवार को कैंप इलाके स्थित अपने कार्यालय में फांसी लगाकर जान दे दी पुलिस को घटनास्थल से ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे मामला सीधे तौर पर राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आत्महत्या से पहले सादिक उर्फ बाबू कपूर ने अपने हाथ पर कुछ लोगों के नाम लिखे थे. इसके साथ ही मौके से करीब 30 पन्नों की एक सुसाइड नोट भी बरामद हुई है, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों और कथित मानसिक प्रताड़ना का विस्तार से उल्लेख किया है.

सुसाइड नोट में जमीन विवाद का जिक्र

बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में हडपसर के सैयद नगर इलाके में स्थित करीब 10 करोड़ रुपये की जमीन को लेकर चल रहे पुराने विवाद का जिक्र है. इसी जमीन को लेकर सादिक कपूर और एनसीपी (अजित पवार) के उम्मीदवार फारुख शेख के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी. पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस विवाद के चलते सादिक को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था. सुसाइड नोट में यह भी दावा किया गया है कि फारुख शेख और कुछ पुलिस अधिकारियों के दबाव व प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. एक गंभीर मामले में चुनावी उम्मीदवार का नाम सामने आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.

सबूतों के आधार पर जांच, पवार गुट से नहीं आई प्रतिक्रिया

पुणे की लष्कर पुलिस ने मामले में आकस्मिक मृत्यु की शिकायत दर्ज कर ली है. सुसाइड नोट में जिन-जिन नामों का उल्लेख है, उनकी गहन जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस के मुताबिक, 30 पन्नों की सुसाइड नोट में किए गए हर दावे की बारीकी से जांच कर सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने यह भी बताया कि आत्महत्या करने वाले सादिक कपूर का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उस पर मकोका के तहत मामला दर्ज था. हालांकि, अजित पवार गुट की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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