इंदौर : मध्य प्रदेश में मरीजों की सुविधा के लिए शुरू की गई 108 एंबुलेंस स्टाफ द्वारा शर्मनाक हरकतें की जा रही हैं. प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद भी मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला महू में 108 एम्बुलेंस के स्टाफ का है. गर्भवती महिला को लेने पहुंची एंबुलेंस स्टाफ ने परिजनों से शर्मनाक हरकत की.
महू अस्पताल से इंदौर ले जाने के दौरान घटना
महू का शासकीय मध्य भारत अस्पताल तहसील का सबसे बड़ा चिकित्सालय है. ग्रामीण अंचल से इलाज के लिए लोग यहां पहुंचते हैं. शुक्रवार देर रात महू तहसील के भगोरा गांव की रहने वाली गर्भवती महिला के परिजन उसे 108 के माध्यम से डिलेवरी के लिए मध्य भारत अस्पताल लाए. अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला की डिलेवरी 108 एंबुलेंस में हो गई. डिलेवरी के बाद उसे अस्पताल के अंदर ले जाया गया.

मजबूरी में परिजनों ने साफ की एंबुलेंस
इस दौरान 108 के स्टाफ द्वारा प्रसूता के परिजनों से डिलेवरी के दौरान एंबुलेंस में फैले खून को साफ कराया गया. पीड़ित महिला का कहना है “डिलेवरी के बाद प्रसूता और बच्चे की हालत नाजुक थी जिसके चलते उसे इंदौर रेफर किया गया. इस पर 108 के स्टाफ ने कहा कि पहले एंबुलेंस साफ करनी होगी. उसके बाद ही इंदौर ले जाया जाएगा. मजबूरी में परिजनों ने एंबुलेंस साफ की.”
एंबुलेंस स्टाफ की मनमानी और अत्याचार का ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी लगभग हर जिले से मामले सामने आ चुके हैं. शिकायतों पर कार्रवाई भी होती है लेकिन इस प्रकार के मामले नहीं थम रहे.
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