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फुटहामुड़ा नहर परियोजना : नगरी अंचल में आएगी हरित क्रांति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

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धमतरी : छत्तीसगढ़ राज्य को यूं ही धान का कटोरा नहीं कहा जाता. यहां ज्यादातर किसान धान की फसल उगाते हैं. यही वजह है कि सरकार भी किसानों के साथ उनकी समस्याओं को दूर करने कम से कदम मिलाकर चल रही है. इस बार नए वर्ष में किसानों को नए वर्ष में तोहफा है. धमतरी जिला जिसे धनहा धमतरी कहते हैं यहां किसानों के लिए नहर परियोजना की शुरुआत की गई है जिससे ग्रामीण परिदृश्य अब बदलने वाली है.

फुटहामुड़ा नहर निर्माण में आई तेजी

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में बहुप्रतीक्षित फुटहामुड़ा नहर निर्माण परियोजना अब तेज गति से आगे बढ़ रही है. यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है, जिससे किसानों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है. फुटहामुड़ा नहर का निर्माण गंगरेल जलाशय के सैंडल डैम, ग्राम फुटहामुड़ा से शुरु होकर लगभग 19.74 किलोमीटर लंबाई में किया जा रहा है.

खरीफ के साथ-साथ रबी के फसलों को भी मिलेगा लाभ

परियोजना के पूर्ण होने पर नगरी विकासखंड के 22 ग्रामों के लगभग 1940 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. इससे खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों का रकबा भी बढ़ेगा और किसानों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी.

तेजी से चल रहा नहर निर्माण का काम

परियोजना के क्रियान्वयन में प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक प्रगति हो चुकी है. मुख्य नहर से प्रभावित 10 गांवों में कुल 14.33 हेक्टेयर भूमि का भू-अर्जन पूर्ण कर लिया गया है. वहीं वन प्रकरण से प्रभावित 24.42 हेक्टेयर भूमि की अंतिम चरण की स्वीकृति भी मिल चुकी है. इसके साथ ही निर्माण कार्य में आने वाली सभी प्रमुख प्रशासनिक बाधाएं दूर हो गई हैं, जिससे कार्य अब निर्बाध गति से आगे बढ़ रहा है.

कृषि आधारित रोजगार बढ़ेंगे
जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के मुताबिक यह परियोजना केवल सिंचाई सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी. सिंचाई सुनिश्चित होने से किसानों की आय बढ़ेगी, कृषि आधारित रोजगार के अवसर सृजित होंगे और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी. आपको बता दें कि पिछले महीने उच्च अधिकारियों ने नहर निर्माण स्थल का दौरा कर निर्माण प्रगति, तकनीकी पक्षों एवं आवश्यक संसाधनों का गहन निरीक्षण किया था. अधिकारियों के मार्गदर्शन में अब कार्य को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है. फुटहामुड़ा नहर परियोजना नगरी अंचल में हरित क्रांति की नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है.

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