उमरिया: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे छोटी बेल्दी गांव में उसे वक्त हड़कंप मच गया था जब एक बाघ गांव में घुस आया था. हद तो तब हो गई जब टाइगर खेत से होते हुए एक घर के अंदर घुस गया और बिस्तर पर जाकर आराम फरमाने लगा. ये मंजर देख पूरे गांव में हड़कंप मच गया और लोग घर छोड़ छतों पर चढ़ गए. आनन-फानन में वन विभाग को बुलाया गया, जिसके बाद ट्रैंकुलाइज कर बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है. सुरक्षा दृष्टि से फिलहाल बाघ को रेस्क्यू कर एंक्लोजर में रखने का फैसला किया गया है.
विशेषज्ञों की उपस्थिति में बाघ का रेस्क्यू ऑपरेशन
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, ” बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर अंतर्गत छोटी बेल्दी गांव में दुर्गा प्रसाद द्विवेदी के घर पर एक बाघ घुस गया था, जिसका सफल रेस्क्यू कर लिया गया है. रेस्क्यू कार्य के दौरान वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व व पूरी टीम ने सुरक्षित और सफल रेस्क्यू किया, रेस्क्यू के दौरान कई आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. बाघ व लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी प्रोटोकॉल फॉलो किया गया है.
”लगातार हो रही थी टाइगर की निगरानी
छोटी बेल्दी गांव में बाघ के बिछड़ने की सूचना जैसे ही मिली, इस सूचना पर तुरंत ही एक्शन लिया गया, और पनपथा परिक्षेत्र और पतौर का वन अमला लगातार इस पर निगरानी भी कर रहा था. बाघ के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि सोमवार सुबह से ही बाघ के मूवमेंट से छोटी बेल्दी गांव में हड़कंप मचा हुआ था.
पहले सुबह से खेतों पर बाघ नजर आ रहा था, फिर अचानक ही घर में घुस आया, और वहां लगे बिस्तर पर आराम करने लगा जिसका वीडियो भी सामने आया था. वन विभाग ने एहतियात बरतते हुए टाइगर को रेस्क्यू किया है.
एनक्लोजर में रखा गया 3 साल का बाघ
क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, ” जिस बाघ का रेस्क्यू किया गया है, उसकी उम्र लगभग 3 वर्ष का है, और यह एक नर बाघ है, रेस्क्यू करने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों और वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की सतत निगरानी में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बाहर एंक्लोजर में रखा गया है.”
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