ग्वालियर: आजाद समाज पार्टी ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अपमान करने वालों के खिलाफ ग्वालियर में आंदोलन की चेतावनी दी है. पार्टी अंबेडकर का अपमान करने वालों पर एनएसए की कार्रवाई की मांग कर रही है. और 3 दिन में ऐसा ना होने बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है.
ग्वालियर में पुलिस ने दर्ज की थी एक युवक पर FIR
पिछले दिनों देश के अलग अलग हिस्सों में मनुस्मृति जलाए जाने के बाद दो समुदाय आमने सामने हैं. इन हालातों के बीच ग्वालियर में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का पुतला दहन की आशंका में पुलिस ने एक युवक पर मामला दर्ज किया था. हालाँकि उस युवक का पुलिस से कहना था कि वह बाबा साहब का नहीं बल्कि भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आज़ाद रावण का पुतला था.
ये बात ठंडी होती उससे पहले ही आजाद समाज पार्टी ने ये मुद्दा गर्म कर दिया. आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय समिति सदस्य दामोदर यादव मंडल ने ग्वालियर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस को चेतावनी दी है.
मनुस्मृति को बार बार जलाने की धमकी
दामोदर यादव ने कहा, “क्या मनुस्मृति भारत का ग्रंथ है?, क्या मनुस्मृति को धार्मिक ग्रंथ मानते हैं? क्या मनु ब्रह्मा, विष्णु, महेश के समान हैं? क्या मनुस्मृति में लिखी बातें सवर्ण समाज के लोग मानते हैं? हम मनुस्मृति नाम के बकवास ग्रंथ को रोज जलाएंगे और माफ़ी भी नहीं मागेंगे. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि बदले में कोई भारतीय संविधान को जलाए या भारतीय संविधान के निर्माता के पोस्टर या पुतले को जलाने का दुस्साहस करे. हम इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर 72 घंटे में इन लोगों पर एनएसए की कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा.
बाबा साहब का अपमान करने वालों पर एनएसए की कार्रवाई की मांग
आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव का कहना है कि, हम उनके नाम नहीं जानते जिन्होंने बाबा साहब का पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन ये सत्ता के द्वारा संरक्षित लोग हैं. ये सत्ता का बड़ा राजनैतिक षड्यंत्र है. ये बाबा साहब का अपमान कराकर देश में राजनीति करना चाहते हैं. बाबा साहब के पोस्टर पुतले जलाने की कोशिश करने से पूरे ग्वालियर चंबल का माहौल बिगड़ रहा है और इसके लिए सरकार जिम्मेदार हैं.
अब 27 नहीं ओबीसी को चाहिए 52 प्रतिशत आरक्षण
दामोदर यादव का कहना था कि उत्तर प्रदेश में हुई पार्टी की बैठक में ये फैसला लिया गया है कि, मध्य प्रदेश में ओबीसी समाज के साथ बहुत भेदभाव हो रहा है. यहाँ 22 साल से ओबीसी के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन बावजूद इनकी हालत जस की तस है. अब ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण की भीख नहीं चाहिए बल्कि उन्हें 52 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए.
प्राइवेट सेक्टर जॉब्स में भी रिजर्वेशन की माँग
इसके साथ ही मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण लागू होना चाहिए. इसके साथ ही प्राइवेट सेक्टर्स जॉब्स में भी ओबीसी, एससी-एसटी के लोगों का आरक्षण मिले, इसको लेकर अब आजाद समाज पार्टी सरकार आंदोलन करेगी.
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