रांची: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. 108 एंबुलेंस सेवा एवं राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए. जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़, सुलभ और पारदर्शी बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.
मोबाइल ऐप से एम्बुलेंस बुकिंग की सुविधा
इस बैठक में 108 एंबुलेंस सेवा को लेकर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि एक मोबाइल ऐप विकसित किया जाए. जिसके माध्यम से ऐप डाउनलोड कर या 108 नंबर डायल कर आसानी से एंबुलेंस बुलाई जा सके. निजी एंबुलेंस को भी इस सेवा से जोड़ा जाएगा और उन्हें प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाएगा. ऐसी एंबुलेंस का विभागीय सर्टिफिकेशन, निबंधन और नियमित मूल्यांकन किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने पर निबंधन रद्द किया जा सकेगा.
स्वास्थ्य अपर मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान कहा कि ममता वाहन को भी ऐप से जोड़ने, सॉफ्टवेयर के लिए आरएफपी तैयार करने और एंबुलेंस संचालन से जुड़ी कंपनी द्वारा सॉफ्टवेयर रन कराने के निर्देश दिए. इस सॉफ्टवेयर को हर वर्ष अपडेट किया जाएगा.
पुराने एम्बुलेंस को किया जाए दुरुस्त -अजय कुमार सिंह
अपर मुख्य सचिव ने मौजूदा एंबुलेंस की डेंटिंग-पेंटिंग कराने और नई खरीदी जाने वाली एंबुलेंस की प्रत्येक चार वर्ष में पेंटिंग सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया. जिससे एंबुलेंस बेहतर स्थिति में रहकर आम जनता को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा सकें.
अपर मुख्य सचिव ने राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान बीमा कंपनी का कार्यकाल फरवरी माह में समाप्त हो रहा है. उन्होंने निर्देश दिया कि अवधि समाप्त होने से पहले ही नई बीमा कंपनी का चयन कर लिया जाए ताकि राज्य कर्मियों एवं उनसे जुड़े अन्य कर्मियों को इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो.
उन्होंने कहा कि राज्य के सभी प्रमुख अस्पतालों में सीजीएचएस दर पर इलाज सुनिश्चित किया जाए और अस्पतालों को इसके अंतर्गत सूचीबद्ध किया जाए. बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया कि राज्य से सटे बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के जिलों और सभी महानगरों में भी सीजीएचएस दर पर अस्पतालों का निबंधन कराया जाए. राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत बाहर इलाज कराने में किसी तरह की बाधा न आए.
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