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झारखंड में पेसा-जानिए नियमावली में क्या है प्रावधान जिससे अनुसूचित क्षेत्र के ग्रामसभा होंगे सशक्त

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रांचीः अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों को ग्राम सभाओं के जरिए स्वशासन से सश्क्त बनाने के लिए झारखंड सहित देश के 10 राज्यों के लिए पेसा (Panchayats Extension to Scheduled Areas) कानून 24 दिसंबर 1996 को लागू किया गया था। इन दस राज्यों में झारखंड और ओडिशा को छोड़कर शेष आठ राज्य आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना ने अपने-अपने राज्य में इसे (पेसा) लागू कर दिया था.

झारखंड सरकार पर लगातार केंद्र सरकार के साथ-साथ झारखंड हाईकोर्ट द्वारा इसको लेकर दवाब बनाया जा रहा था. आखिरकार लंबे इंतजार के बाद राज्य के 15 अनुसूचित जिलों में स्थानीय स्वशासन की दिशा में हेमंत सरकार ने पेसा नियमावली पर मुहर लगाकर बड़ा कदम उठाया है. कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है.

पेसा नियमावली में जनजाति बहुल पंचायतों में ग्राम सभा को मजबूत बनाने की कोशिश की गई है. इसके तहत ग्राम सभा विकास कार्य के लिए जमीन अधिग्रहण, माइनिंग, विभिन्न पारंपरिक जल स्रोत, वन संपदा आदि के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए निर्णय लेगी और इसका निर्धारण करेगा.

पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार के अनुसार पेसा कानून में शामिल कई प्रावधान पहले से विभिन्न विभागों द्वारा संचालित थे. इसके लागू होने के बाद पूर्व या भविष्य में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव या नगर निकाय चुनाव प्रभावित नहीं होंगे.

इधर पेसा नियमावली पर कैबिनेट की मुहर लगने पर खुशी जताते हुए ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह कहती हैं कि विपक्ष इसको लेकर राजनीति करती रही है, अब इसकी मंजूरी मिलने से ग्राम सभा सशक्त होगा और जनजाति क्षेत्रों में तेजी से विकास होगा. गौरतलब है कि झारखंड में पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में 16,022 गांव, 2,074 पंचायत और 131 प्रखंड शामिल हैं.

पेसा कानून लागू करने वाले राज्य:

  • राजस्थान: 1999 में नियम बनाया और 2011 में संशोधन किया.
  • आंध्र प्रदेश: 2011 में नियम बनाए.
  • हिमाचल प्रदेश: 2011 में नियम बनाए.
  • महाराष्ट्र: 2014 में नियम बनाए गए
  • गुजरात: 2017 में नियम बनाए.
  • मध्य प्रदेश: 2022 में नियम बनाए और क्रियान्वयन में अग्रणी है.
  • छत्तीसगढ़: 2022 में नियम बनाए.
  • तेलंगाना: आंध्र प्रदेश के नियमों को अपनाया.

5वीं अनुसूची की भावना के विपरीत होने पर भाजपा करेगी विरोध-बाबूलाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कैबिनेट से पारित पेसा नियमावली पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि झारखंड कैबिनेट द्वारा पारित पेसा नियमावली का भारतीय जनता पार्टी स्वागत करती है. यह भाजपा के लंबे संघर्ष और दबाव का परिणाम है. भाजपा और एनडीए ने लगातार सड़क से सदन तक इसके लिए आवाज बुलंद की है.

भाजपा यह मानती है कि कैबिनेट से पारित नियमावली पारंपरिक रूढ़ि व्यवस्था पर आधारित होगी जिसकी मांग की जा रही थी. परंतु अगर इसमें संविधान की 5वीं अनुसूची से जुड़ी भावना के विपरीत थोड़े भी परिवर्तन किए गए होंगे तो पार्टी इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. राज्यपाल से भी इस संदर्भ में ध्यान आकृष्ट कराएगी ताकि कानून बनाने के पहले यह पारंपरिक रूढ़िवादी व्यवस्था का आधार सुनिश्चित हो.

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