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BJP की ‘युवा’ रणनीति! पंकज चौधरी और नितिन नबीन जैसे चेहरों के साथ तैयार की सेकंड लीडरशिप, आधे से अधिक नए अध्यक्ष 55 से कम उम्र के, क्या है 2029 की तैयारी?

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भारतीय जनता पार्टी ने संगठन चुनाव के जरिए नई लीडरशिप तैयार कर ली है. केंद्र से लेकर प्रदेश संगठन में उन नेताओं को तरजीह दी गई है, जिनकी उम्र 60 साल या उसके आसपास है. प्रदेश स्तर पर बीजेपी ने 50 प्रतिशत ऐसे अध्यक्ष बनाए हैं, जिनकी उम्र 55 साल से कम है. पार्टी ने 45 साल के नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है.

जानकारों का कहना है कि 2029 के चुनाव को देखते हुए बीजेपी का संगठन तैयार किया गया है. बीजेपी में किसी भी अध्यक्ष का न्यूनतम कार्यकाल 3 साल का होता है. विशेष परिस्थिति में ही अध्यक्ष को पद से हटाया जाता है.

बीजेपी ने कैसे तैयार की नई लीडरशिप?

1. बीजेपी के भीतर संसदीय बोर्ड को सर्वोच्च इकाई माना जाता है. बीजेपी के भीतर संसदीय बोर्ड के पास ही सभी बड़े फैसले लेने का अधिकार है. सियासी गलियारों में इसे टॉप लीडरशिप या हाईकमान भी कहा जाता है. वर्तमान में बीजेपी संसदीय बोर्ड के भीतर कुल 11 सदस्य हैं.

इस बोर्ड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा जैसे कद्दावर नेता इसके सदस्य हैं. संसदीय बोर्ड में शामिल नेताओं की औसत उम्र करीब 69 साल है. 82 साल के येदियुरप्पा सबसे उम्रदराज नेता हैं.

2. बीजेपी ने जो नई नियुक्ति की है, उनमें अधिकांश अध्यक्ष 60 साल या उससे कम के हैं. मसलन, बिहार के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय सरावगी (56), आंध्र प्रदेश के पीवीएन माधव (52), गुजरात के जगदीश विश्वकर्मा (52) असम के दिलीप सैकिया (52), गोवा के दामोदार नायक (54), कर्नाटक के बीवाई बीजेंद्र (50), मणिपुर की ए शारदा देवी (54), मेघालय के रिकमन एम (55), सिक्कीम के डीआर थापा (55), महाराष्ट्र के रवींद्र चव्हाण (55) और उत्तराखंड के महेंद्र भट्ट (51) साल के हैं.

इसी तरह 3 प्रदेश के जो नए अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं, उन तीनों की उम्र 61 साल है. इनमें उत्तर प्रदेश के पंकज चौधरी, केरल के राजीव चंद्रशेखर और मध्य प्रदेश के हेमंत खंडेलवाल का नाम शामिल हैं. हरियाणा के मोहन लाल बड़ौली और बंगाल के शामिक भट्टाचार्य की उम्र 62-62 साल है.

3. बीजेपी के मुख्यमंत्रियों की औसतन उम्र 55 साल है. 14 राज्यों में अभी बीजेपी की सरकार है. 72 साल के त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा बीजेपी के सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री हैं. अरुणाचल प्रदेश के पेमा खांडू (46) सबसे युवा सीएम हैं.छत्तीसगढ़ के विष्णुदेव साय (61), राजस्थान के भजनलाल शर्मा (59), ओडिशा के मोहन मांझी (54), हरियाणा के नायब सिंह सैनी (55) और देवेंद्र फडणवीस (55) साल के हैं.

कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की औसत उम्र 63 साल है. कर्नाटक के सिद्धारमैया सबसे उम्रदराज तो तेलंगाना के रेवंत रेड्डी सबसे युवा सीएम हैं. केरल के पिनराई विजयन (80) देश के सबसे उम्रदराज मुख्यमंत्री हैं.

नई लीडरशिप के क्या हैं सियासी मायने?

भारतीय जनता पार्टी अभी सत्ता के शीर्ष पर है. केंद्र समेत 20 राज्यों की सत्ता में बीजेपी गठबंधन सहयोगियों के साथ काबिज है. 2014, 2019 और 2024 के बाद बीजेपी 2029 के चुनाव पर पूरी तरह फोकस कर रही है. 2024 में बीजेपी कुछ सीटों से पूर्ण बहुमत में आने से चूक गई थी. 2029 में पार्टी कोई कोर-कसर नहीं रहने देना चाहती है.

राज्य स्तर पर भी बीजेपी की कोशिश नए नेताओं को उभारने की है, जिससे उसकी राजनीति में सभी का समायोजन हो सके. साथ ही इस तरह के फैसले से बीजेपी नए लोगों को यह संदेश देना चाहती है कि पार्टी में उसका भी फ्यूचर है.

2024 लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने कुल 10 करोड़ सदस्य बनाए. इनमें से करीब 2 करोड़ सदस्य पूर्णत: नए थे. पार्टी की विस्तार नीति में यह काफी अहम आंकड़ा है.

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