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24 घंटे बीते कहां गए बच्चे, सोनार नदी में डूबे मासूमों का कोई सुराग नहीं, चक्काजाम की वॉर्निंग

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दमोह: मध्य प्रदेश के दमोह में दर्दनाक हादसा हो गया है. परिवार के साथ जियारत (दर्शन) करने पहुंचे चार बच्चों में दो किशोर सोनार नदी में डूब गए. जिनका 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं लगा है. प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. वहीं एसडीआरएफ की टीम लगातार बच्चों को खोज रही है लेकिन अभी तक पता नहीं चल पाया है.

जियारत करने गए 2 बच्चे नदी में डूबे

नगर के बजरिया मोहल्ला में रहने वाले दो परिवारों की ईद मिलाद उन नबी की खुशियां 24 घंटे भी कायम नहीं रह सकीं. दो परिवारों पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा जब परिवार के साथ बच्चे जियारत करने नरसिंहगढ़ पहुंचे थे और वहां पर नहाने के दौरान चार बच्चे डूब गए. जिनमें से स्थानीय लोगों ने किसी तरह दो बच्चों को तो बचा लिया लेकिन दो का सुराग अभी तक नहीं लग सका है. घटना को करीब 24 घंटे हो चुके हैं. लेकिन उनका सुराग नहीं लग सका है.

दरअसल, इन दिनों लगातार बारिश के कारण सभी नदियां उफान पर हैं. जबकि जिले की सबसे बड़ी सोनार नदी रौद्र रूप धारण किए हुए. इसी दौरान यह बच्चों सुनार नदी के तट पर नहाने के लिए गए हुए थे. जिनमें से दो लापता हो गए हैं. बजरिया मोहल्ला निवासी इस्लाम कुरैशी ने बताया कि, ”उनका भतीजा मजीद कुरैशी उम्र 16 साल तथा भांजा नियाज कुरैशी 13 साल परिजनों और मोहल्ले के दो अन्य बच्चों निशाद कुरैशी 17 साल एवं इमरान कुरैशी 14 साल के साथ नरसिंहगढ़ गए हुए थे.”

नहाने के दौरान डूबे बच्चे

”वहां पर बाबा साहब की मजार पर परिवार के लोग जब दर्शन करने गए उसी दरमियान यह चारों बच्चे सुनार नदी के तट पर आ गए, और वहां पर नहाने लगे. लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण बच्चे उसमें डूब गए. जब स्थानीय लोगों ने उन्हें डूबते और चीख पुकार करते हुए देखा तो तुरंत ही वह नदी में कूद गए और किसी तरह से नियाज और इमरान को नदी से बाहर निकाल लिया. जबकि निशाद कुरैशी और मजीद कुरैशी को वह नहीं निकाल पाए. तेज बहाव में वह कहां बह गए किसी को पता नहीं है.

24 घंटे बीते बच्चों का नहीं लगा सुराग

घटना की जानकारी जैसे ही परिजनों को लगी तो वह तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच गए. साथ ही पुलिस को मामले की जानकारी दी. उधर जानकारी लगते ही नरसिंहगढ़ एवं देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. एसडीआरएफ की टीम भी तुरंत ही मौके पर पहुंच गई और बच्चों की खोज भी शुरू कर दी. लेकिन देर रात तक सर्च ऑपरेशन करने के बाद भी निशाद और मजीद का कहीं पता नहीं लगा. आज सुबह फिर से गोताखोरों की एक टीम ने गहराई में जाकर दोनों लापता युवकों को खोजने का सिलसिला शुरू किया है, लेकिन वह अभी भी लापता हैं. अधिकारियों और एसडीआरएफ टीम के साथ परेशान परिजन भी मौके पर मौजूद हैं.

परिजनों ने दी चक्काजाम की धमकी

इधर मामले में परिजन और समाज के लोगों ने नरसिंहगढ़ रोड पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है. बच्चों के परिजन इस्लाम कुरैशी ने ईटीवी भारत से फोन पर बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि, ”प्रशासन की टीम बच्चों को ढूंढने में कोताही बरत रही है. इसलिए हम चक्काजाम करेंगे.” मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया, ”कल से सर्च ऑपरेशन जारी है. लगातर गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम बच्चों को तलाश कर रही है. परिजन धैर्य बनाए रखें, हम पूरा प्रयास कर रहे हैं बच्चों को खोजने का.”

प्रशासन द्वारा लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है. उसके बाद भी लोग नदी के मुहानों पर जाने से नहीं चूक रहे हैं. जिसके कारण ही इस तरह के हादसे से हो रहे हैं. इस पूरी बरसात में ऐसे डेढ़ दर्जन अधिक हादसे से हो चुके हैं. नदी पार करने या नहाने के दौरान नदी में बह जाने के कारण इस सीजन में एक करीब एक दर्जन मौतें हो चुकी हैं. जरा सी मौज मस्ती और लापरवाही के कारण लोग अपनी जान गवा रहे हैं.

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