Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

गुजरात में कहां होता है कैंसर का बेहतर इलाज, जरूरतमंद मरीजों को कैसे मिलती है आर्थिक मदद?

16

गुजरात सरकार का मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) संकट की घड़ी में प्रदेश के नागरिकों के लिए एक सशक्त सुरक्षा-कवच के रूप में उभरा है. प्राकृतिक आपदाओं और दुर्घटनाओं से लेकर गंभीर बीमारियों और जीवन-रक्षक उपचारों तक, इस कोष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. विशेष रूप से स्वास्थ्य सहायता के क्षेत्र में CMRF ने हजारों परिवारों को समय पर मदद, आर्थिक राहत और नई उम्मीद प्रदान की है.

सीएम भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री राहत कोष को अधिक संवेदनशील, त्वरित और जन-केन्द्रित बनाया गया है, ताकि कोई भी जरूरतमंद आर्थिक तंगी के चलते उपचार से वंचित न रहे. उनकी प्राथमिकता ‘लोगों का जीवन और स्वास्थ्य सर्वोपरि’ के अनुरूप यह कोष आज आम नागरिकों के लिए वास्तविक सहारा और भरोसे का माध्यम बन चुका है.

गंभीर मरीजों के लिए उम्मीद की किरण

मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए आवेदक की सालाना आय 4 लाख रुपये (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6 लाख रुपये) से कम होनी चाहिए. इसके साथ निवासी प्रमाण-पत्र, उपचार का विस्तृत अनुमान और संबंधित मेडिकल दस्तावेज आवश्यक हैं. आवेदन प्राप्त होने के बाद राजस्व विभाग द्वारा विस्तृत सत्यापन किया जाता है. इसके बाद पूरी फाइल मुख्यमंत्री राहत कोष समिति के समक्ष भेजी जाती है, जिसमें राहत आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (राजस्व), मुख्य सचिव और स्वयं मुख्यमंत्री शामिल होते हैं. समिति की मंजूरी के बाद स्वीकृत राशि सीधे अस्पताल या रोगी के खाते में स्थानांतरित की जाती है, जिससे मरीज को समय पर उपचार में कोई बाधा न आए.

4 सालों में 2,106 कैंसर मरीजों को मदद

2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री राहत कोष से गुजरात में कैंसर से जूझ रहे 2,106 मरीजों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है. उन्हें नया जीवन मिला है. इस अवधि में 2,106 कैंसर मरीजों के उपचार के लिए CMRF की ओर से ₹31.55 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई. स्वास्थ्य विभाग के साझा किए आंकड़ों के अनुसार, ब्लड कैंसर के 450 मरीजों को राहत मिली, जबकि अन्य प्रकार के कैंसर से पीड़ित 1,656 मरीजों को सहायता मिली है.

कैंसर सहायता के अलावा CMRF के तहत लिवर, किडनी, हृदय और फेफड़ों के प्रत्यारोपण जैसे महंगे और जटिल उपचारों में भी महत्वपूर्ण आर्थिक मदद दी जा रही है.

किन संस्थानों में मिलता है इलाज

अहमदाबाद स्थित गुजरात कैंसर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GCRI), राजकोट के नथालाल पारिख कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट और बी.टी. सावानी हॉस्पिटल, सूरत के भारत कैंसर हॉस्पिटल, किरण मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल वहीं AAIHMS जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत सहायता व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं.

इन सभी अस्पतालों में कैंसर से संबंधित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में समय पर उपचार भी सुनिश्चित जाता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.