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मेडिकल साइंस का करिश्मा: ब्रेन डेड भी करेगा काम, जीवित कोशिकाओं से ट्रांसप्लांट संभव

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इंदौर : मानव शरीर के हर अंग को दूसरे शरीर में ट्रांसप्लांट कर नया जीवन देने के प्रयास लगातार जारी हैं. लेकिन ब्रेन डेड होने पर डॉक्टर असहाय हो जाते हैं. अभी तक चिकित्सा विज्ञान में इसका इलाज नहीं मिल सका है. इस बीच देश के मशहूर न्यूरोसर्जन डॉ. सुरेश्वर मोहंती ने दावा किया “क्षतिग्रस्त ब्रेन के हिस्से को जीवित कोशिकाओं से फिर विकसित करना संभव हो सकता है.”

ब्रेन डेड के ट्रासंप्लांट पर रिसर्च जारी

ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में डॉ मोहंती ने दावा किया “मानव मस्तिष्क के क्षतिग्रस्त हिस्से के स्थान पर जीवित कोशिकाओं के विकसित होने से ब्रेन के दो अलग हिस्सों की कनेक्टिविटी एस्टेब्लिश हो सकती है. इसको लेकर देश में रिसर्च जाारी है. भविष्य में यह संभव हो जाएगा. इसके बाद ब्रेन ट्यूमर, हेड इंजरी और एडिमा जैसे मरीजों की जान बचाई जा सकेगी.”

अन्य अंगों की तरह ब्रेन ट्रांसप्लांट होगा

इंदौर में न्यूरोलॉजिकल समिति ऑफ इंडिया की वार्षिक कांफ्रेंस में हिस्सा लेने इंदौर आए प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. सुरेश्वर मोहंती ने बताया “देश के चिकित्सा परिदृश्य में अब तक यही माना जाता है कि ब्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से को फिर से विकसित नहीं किया जा सकता लेकिन भविष्य में यह संभव हो सकेगा.”

मानव शरीर के दूसरे अंगों की तरह ही ब्रेन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में भी दुनिया के विभिन्न देशों में रिसर्च जारी है. फिलहाल एक ब्रेन दूसरे ब्रेन से कनेक्टिविटी एस्टेब्लिश नहीं करता, इसलिए ट्रांसप्लांट किया जाने वाला हिस्सा फंक्शन नहीं कर पाता.

दो ब्रेन के बीच कनेक्टिविटी संभव

डॉ. मोहंती ने बताया “इस दिशा में जारी रिसर्च की बदौलत भविष्य में मानव के दो ब्रेन के बीच कनेक्टिविटी एस्टेब्लिश हो सकती है. भारत के कुछ शीर्ष संस्थानों में इस तरह के प्रयासों पर सफलतापूर्वक काम किया जा रहा है, ऐसा होने पर भविष्य में हेड इंजरी के कारण, ब्रेन डैमेज के मामलों में ब्रेन ट्यूमर, हेड इंजरी, एडिमा और स्केलेटल इंजरी से पीड़ित लोगों की जान बचाई जा सकेगी.”

उन्होंने दावा किया कि भविष्य में लीवर और अन्य अंगों की तरह ब्रेन के निष्क्रिय हिस्से को जीवित कोशिकाओं के जरिए फिर से एक्टिव किया जा सकेगा. डॉ. मोहंती ने स्वीकार किया “ब्रेन डेड मरीज के मस्तिष्क की यदि नर्व सेल डैमेज हो गई हो तो उसे बचाना मुश्किल है लेकिन इस क्षेत्र में मेडिकल साइंस में रिसर्च जारी है.”

डॉ. मोहंती को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

हाल ही में डॉ. सुरेश्वर मोहती को न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा 2025 के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित करने के लिए चुना गया है. डॉ. मोहंती देश के अलावा विदेश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में काम कर चुके हैं. उनके करीब 150 वैज्ञानिक शोध पत्र भारतीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मैगजीन में प्रकाशित किए गए हैं.

वहीं, ब्रेन सर्जरी और तांत्रिक शल्य चिकित्सा ज्ञान और अभ्यास में वह पारंगत हैं. इतना ही नहीं डॉ. मोहंती को भारत का सर्वोच्च चिकित्सा सम्मान प्रतिष्ठित डॉक्टर बी रायपुर भी मिल चुका है, जो न्यूरो सर्जरी और न्यूरोसाइंस अनुसंधान के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान का प्रमाण है.

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