Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jajwalyadev Lok Mahotsav: कृषि और कला का अद्भुत संगम है जाज्वल्यदेव महोत्सव- मंत्री खुशवंत साहेब Dhamtari Road Accident: धमतरी में भीषण सड़क हादसा, कोबरा बटालियन के 3 जवानों समेत 4 की मौत Noida Double Death Case: वैलेंटाइन डे पर कार में मिली प्रेमी-प्रेमिका की लाश, मर्डर या सुसाइड? Muslim Girl Tamanna Kawad Yatra: हरिद्वार से कांवड़ ला रही मुस्लिम लड़की तमन्ना, बिजनौर में हुआ भव्य... Asaduddin Owaisi: वंदे मातरम् विवाद पर बोले ओवैसी- 'किसी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए' Assam Highway Airstrip: असम में हाईवे पर उतरा PM मोदी का विमान, सेना ने दिखाया अपना दम मुंबई: मुलुंड में बड़ा हादसा, मेट्रो पिलर का हिस्सा गिरने से 1 की मौत, कई गाड़ियां चकनाचूर Chhattisgarh Crime: शराबी पति ने पत्नी पर किया हमला और फूंका अपना ही घर, मनेंद्रगढ़ इलाके में फैली द... Indore MBA Student Murder: आरोपी पीयूष धामनोदिया मुंबई से गिरफ्तार, रेप के बाद की थी छात्रा की बेरहम...

जयमाला के बाद आज सात फेरे: प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय और शिप्रा की जयपुर में शादी, धार्मिक और राजनीतिक हस्तियां होंगी शामिल

8

 वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक और भजन गायक इंद्रेश उपाध्याय आज, 5 दिसंबर 2025 को विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं. चर्चित भजन राधा गोरी और युवा भक्तों के बीच अपनी लोकप्रियता के लिए पहचाने जाने वाले इंद्रेश, अपनी मंगेतर शिप्रा के साथ सात फेरे लेकर गृहस्थ जीवन की शुरुआत करेंगे. विवाह समारोह राजस्थान की राजधानी जयपुर में भव्य स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक रंग-रूप का शानदार संगम देखने को मिल रहा है.

शुभ मुहूर्त और विवाह स्थल

विवाह स्थल: ताज आमेर, जयपुर

फेरों का समय: मुख्य विवाह कार्यक्रम और सात फेरे सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त की शुभ बेला में होंगे.

समारोह की थीम: होटल को विशेष रूप से वैदिक आध्यात्मिक थीम पर सजाया गया है.

कौन हैं दुल्हन शिप्रा शर्मा?

इंद्रेश उपाध्याय की जीवन संगिनी बनने जा रही शिप्रा शर्मा एक प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से आती हैं. शिप्रा मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली हैं. उनका परिवार वर्तमान में पंजाब के अमृतसर में निवास करता है. शिप्रा के पिता पंडित हरेंद्र शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में डीएसपी (DSP) पद से सेवानिवृत्त (रिटायर) हैं. बताया जाता है कि दोनों परिवारों के बीच पुरानी और गहरी जान-पहचान है, जिसके बाद दोनों ने आपसी सहमति और आशीर्वाद से इस रिश्ते को वैवाहिक रूप दिया है.

शाही बारात और प्री-वेडिंग रस्में

इंद्रेश उपाध्याय की बारात बुधवार (3 दिसंबर) को उनके पैतृक निवास वृंदावन के रमणरेती स्थित आश्रम से धूमधाम से जयपुर के लिए रवाना हुई थी. जयपुर रवाना होने से पहले वृंदावन में हल्दी, संगीत और पारंपरिक ‘घुड़चढ़ी’ की रस्में धूमधाम से निभाई गईं. जयपुर पहुंचने के बाद विवाह की अन्य रस्में हुईं, जिनमें कथावाचक जया किशोरी भी शामिल हुईं.

हल्दी-मेहंदी कार्यक्रम को विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जोड़ते हुए ‘किलोल कुंज’ नाम दिया गया है, जहां भक्ति की धारा बहती दिखाई दी. घुड़चढ़ी के दौरान दूल्हा बने इंद्रेश उपाध्याय ऑफ-व्हाइट शेरवानी, पारंपरिक पगड़ी और चांदी की छड़ी धारण किए हुए थे. वहीं बारातियों ने हाथों में बांके बिहारी का निशान थाम रखा था.

संतों और हस्तियों का जमावड़ा

यह विवाह समारोह धार्मिक और कला जगत की कई नामचीन हस्तियों की मौजूदगी का साक्षी बनेगा. नवदंपती को शुभाशीष देने के लिए कई बड़े संत-महात्मा और कथावाचक जयपुर पहुंचे हैं.

  • जगतगुरु रामभद्राचार्य
  • बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
  • मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज
  • कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर
  • कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी
  • गोविंददेवजी मंदिर के महंत अंजन गोस्वामी
  • बॉलीवुड के मशहूर सिंगर बी प्राक भी विशेष रूप से मुंबई से शादी में शामिल होने के लिए जयपुर पहुंचे हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.