चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने लेप्रोसी पीड़ितों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। अब कोई भी अस्पताल, डॉक्टर या स्वास्थ्य संस्था लेप्रोसी से पीड़ित किसी भी मरीज की पहचान सार्वजनिक नहीं कर सकेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर मरीज को बिना किसी भेदभाव के सभी स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकार मिलेगा।
नए नियमों के तहत किसी भी व्यक्ति, संस्था या संगठन को लेप्रोसी से संबंधित जानकारी प्रसारित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या किसी अन्य माध्यम का उपयोग करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति के जानकारी साझा करना एपिडेमिक डिजीज एक्ट, 1897 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।
अगर किसी व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन करने से स्वास्थ्यकर्मियों के काम में बाधा आती है या उन्हें नुकसान पहुंचता है, तो दोषी को 6 महीने की साधारण कैद, 2,500 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजा दी जा सकती है। वहीं, यदि उल्लंघन के कारण किसी की जान, सेहत या सुरक्षा को खतरा पैदा होता है, अथवा दंगा जैसी स्थिति बनती है, तो सजा एक वर्ष तक और जुर्माना 5,000 रुपये तक हो सकता है।
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