Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

मैनपाट में खदान और खनन का विरोध शुरू, जनसुनवाई में ग्रामीण उठाएंगे मुद्दा

18

सरगुजा: मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है. गर्मी के दिनों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं. सर्दियों के दिनों में यहां पारा कई बार 2 से तीन डिग्री तक पहुंच जाता है. लेकिन लगातार मैनपाट के पास हो रहे खनन कार्यों के चलते अब पर्यटन स्थल की सूरत बिगड़ती जा रही है. स्थानीय लोगों की शिकायत है कि टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने के चक्कर में कई रिजार्ट यहां खोल दिए गए. इलाके में बाक्साइट खनन के चलते पेड़ पहाड़ और पर्यावरण सभी प्रभावित हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब यहां की सुंदरता को ही उजाड़ दिया जाएगा तो पर्यटक भला यहां क्यू आएंगे.

पर्यटन स्थल में खदान

स्थानीय लोगों की शिकायत है कि पहले भी इलाके में बाक्साइट खनन का काम इलाके में चलता रहा है. लेकिन अब नए खदानों के खुलने से इलाके की सुंदरता बिगड़ जाएगी. लोगों का आरोप है कि बतौली विकासखंड के चिरगा में प्रस्तावित एलुमिना प्लांट के लिए भी बाक्साइट खदानों का आबंटन भी शुरू हो चुका है. स्थानीय आदिवासी किसान अब अपने घर और जमीन को बचाने की चिंता में जुट गए हैं. लोगों का आरोप है कि अगर खदान खुलेगा तो उनको विस्थापित किया जा सकता है. हालाकि अभी तक इस संबंध में शासन स्तर पर कुछ भी नहीं कहा गया है. स्थानीय भाजपा विधायक भी ये मानते हैं कि पर्यटन और खनन दोनों एक साथ यहां पर नहीं संभव है.

मैनपाट छत्तीसगढ़ का हिल स्टेशन है. टूरिज्म सेक्टर को बढ़ावा देने का काम सरकार कर रही है. अगर यहां पर पेड़ों की कटाई होती रही तो यहां की सुंदरता खत्म हो जाएगी. पर्यटन स्थल और खदान दोनों एक साथ यहां नहीं चल सकते है: प्रबोध मिंज, विधायक, बीजेपी

बीजेपी विधायक की दलील

विधायक प्रबोध मिंज कहते हैं कि अगर पर्यावरण पर ध्यान देना है तो यहां की नैसर्गिक सुंदरता को बचाए रखना होगा. विधायक कहते हैं कि यहां की सुंदरता को बचाने के लिए सभी को सामने आना चाहिए. विधायक ये भी कहते हैं कि ये क्षेत्र पांचवी अनुसूची में आता है. ऐसे में यहां कोई भी काम को शुरू करने के लिए ग्राम सभा की अनुमति जरूरी है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.