Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Police Action Chhindwara: सीसीटीवी फुटेज की मदद से तीन शातिर लुटेरे गिरफ्तार, 43 हजार रुपये बरामद Malva Nritya Mahotsav 2026: सेमी-क्लासिकल डांस में चमकी सौम्या, मिला प्रतिष्ठित 'मालवा नृत्य महोत्सव... STF Action in Bhopal: बौद्ध धर्म प्रचार के नाम पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने का मामला, 70 संदिग्ध चिन्हित Municipal Corporation Sagar: एमआईसी के प्रस्तावों को लंबित रखने का आरोप, आयुक्त के कार्यप्रणाली के ख... Ramleela Chhindwara 2026: छोटी बाजार में सजी भगवान राम की लीला, कोरोना काल में भी नहीं रुका था मंचन ... Congress Protest Bhopal: चुनाव आयोग के बाहर कांग्रेस नेताओं का हंगामा, पूरे प्रदेश में आंदोलन का ऐला... Madhya Pradesh Politics: पटवारी बोले- 'जब प्रदेश के पटवारी ही सरकार की नहीं सुनते, तो सरकार खटारा है... Delhi Building Accident: नई बनी इमारत ढहने से हड़कंप, राहत और बचाव कार्य जारी, घायलों को अस्पताल में... Coal India PME Update: कोलकर्मियों की हर साल होगी स्वास्थ्य जांच? प्रस्तावित नई व्यवस्था के खिलाफ मु... Muslim Personal Law: नाबालिग बेटी की कस्टडी मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, बच्चे का कल्याण सबसे सर्व...

नाबालिगा हत्या पर संत समाज भड़का, कठोर सजा की चेतावनी

25

जालंधर/चंडीगढ़: जालंधर शहर में मासूम नाबालिग बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे पंजाब को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर संत समाज ने गहरी पीड़ा और आक्रोश व्यक्त किया है। संत श्री अनंतगुरु ॐ वरुण अन्तःकरण जी ने समाज में बढ़ रही ऐसी घटनाओं को “मानसिक अस्थिरता और कमजोर होते संस्कारों का परिणाम” बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब संतों और ऋषियों की वह पवित्र धरा है, जहां किसी के प्रति बुरे विचार रखना भी अनुचित माना जाता है। जालंधर तो स्वयं आदि शक्ति मां त्रिपुरमालिनी का निवास स्थान है, ऐसे स्थान पर इस तरह की घटना होना समाज के गिरते चरित्र का प्रतीक है।

“ध्यान और आत्मनियंत्रण की कमी बढ़ा रही अपराध की मानसिकता”

संत वरुण अन्तःकरण जी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने मन पर नियंत्रण नहीं है तो उसे समय रहते उपचार और ध्यान का सहारा लेना चाहिए।
उन्होंने चेताया कि मन में अपराध जैसे विचारों को पनपने ही नहीं देना चाहिए। संत ने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले 15–18 महीनों में बच्चियों के घर से भागने, विवाहेतर संबंध बढ़ने, चरित्रहीनता और नाबालिगों के प्रति अपराध जैसी घटनाएं समाज की टूटती मानसिकता को दर्शाती हैं।

“पाखंड और गलत आस्थाओं ने समाज को भ्रमित किया”
उन्होंने कहा कि बच्चों को सही ज्ञान की जगह भ्रमित करने वाले पाखंडी व्यक्तियों की तस्वीरें देकर पूजा कराना समाज को भटकाने जैसा है। “प्रेत पूजा से धन तो मिल सकता है, पर ज्ञान, स्थिरता और संस्कार केवल ईश्वर भक्ति और सच्चे धर्माचार से मिलते हैं।

प्रशासन पर भी उठे सवाल
घटना की जांच को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए संत समुदाय ने कहा कि यदि जांच में लापरवाही या पक्षपात हुआ है, तो यह समाज के विश्वास को कमजोर करता है। उन्होंने मांग की कि दोषियों को कठोरतम सजा मिले ताकि भविष्य में कोई ऐसी घिनौनी हरकत करने की सोच भी न सके।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.