चंडीगढ़: राज्य में एचआईवी पॉजिटिव के इलाज के लिए नियम बनाए गए हैं। खास बात यह है कि सरकार ने मरीजों के मामले की सुनवाई के लिए डिविजनल कमिश्नर को लोकपाल की पावर दी है। कैबिनेट में मुहर लगने के बाद अब इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। सब सेंटर से लेकर पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज तक में निशुल्क इलाज होगा। जांच
की सुविधा निशुल्क होगी। मरीजों को बिना किसी भेदभाव के इलाज के लिए निजी अस्पतालों को भी जोड़ा गया है। निजी अस्पतालों में मरीज की पहचान छिपाकर रखनी होगी। निजी अस्पताल ऐसे मरीजों की सूचना पास के सरकारी अस्पताल में देंगे। लोकपाल के पास आपात स्थिति में सभी पक्षकारों को सुने बिना आदेश पारित करने की शक्ति होगी। साथ ही मरीज को भी सूचना दी जाएगी। लोकपाल एचआईवी पॉजिटिव मरीजों के अधिकारों की रक्षा करेंगे
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