गोवा में प्रस्तावित ‘टेल्स ऑफ कामसूत्र एंड क्रिसमस सेलिब्रेशन कैंप’ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक पोस्टर ने पूरे मामले को तूल दे दिया है, जिसमें ओशो लुधियाना मेडिटेशन सोसाइटी का नाम, अश्लील तस्वीर और कई आपत्तिजनक इवेंट्स शामिल दिखाए गए थे। पोस्टर सामने आते ही गोवा के एक सोशल एक्टिविस्ट ने पणजी पुलिस को शिकायत दी है, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया है। पोस्टर में कैम्प की फीस ₹24,995 बताई गई थी, साथ ही बुकिंग नंबर और आयोजक का नाम स्वामी ध्यान सुमित लिखा था, जिसे ओशो लुधियाना मेडिटेशन सोसाइटी का सदस्य बताया गया है।
वहीं इस पूरे विवाद पर ओशो लुधियाना फाउंडेशन ने साफ़ कहा है कि गोवा में कामसूत्र से संबंधित किसी भी कार्यक्रम का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके नाम का गलत उपयोग कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।
बता दें कि यह कैंप 25 से 28 दिसंबर तक आयोजित होना था। शिकायतकर्ता ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचने की बात कही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आयोजकों ने क्रिसमस जैसे पवित्र त्योहार को ‘कामसूत्र’ जैसे विषय के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया है, जो धार्मिक रूप से आपत्तिजनक है और समाज की भावनाओं को आहत करता है। उनका कहना है कि पोस्टर में गोवा को “सैक्स डेस्टिनेशन” की तरह दिखाया गया है, जो राज्य की छवि को खराब करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है—और यह पता लगाने की कोशिश में है कि आपत्तिजनक पोस्टर के पीछे असली जिम्मेदार कौन हैं।
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