सिनेमा का पुराना दौर वापस! ‘गुस्ताख इश्क’ में स्लो-मोशन ड्रामा, क्या यह आज के दर्शकों के लिए बोरिंग होगा? यहां पढ़ें ईमानदार रिव्यू
Gustaakh Ishq Review In Hindi: आज के दौर में जब सिनेमाघरों में सिर्फ ढिशुम-ढिशुम और बड़े-बड़े स्पेशल इफेक्ट्स वाली फिल्में ही शोर मचा रही हैं, ऐसे में आज यानी 28 नवंबर को रिलीज हुई विभु पुरी की ‘गुस्ताख इश्क’ एक शांत, सुकून भरी सांस की तरह महसूस होती है. ये फिल्म उस दौर की याद दिलाती है जब फिल्में धीमी रफ़्तार से चलती थीं, मगर दिल को छू जाती थीं. ‘गुस्ताख इश्क’ भी आपको जल्दबाजी करने को नहीं कहती. ये कहती है, “रुकिए! बैठिए! इस कहानी को महसूस कीजिए.”
अब क्या ‘गुस्ताख इश्क’ की खामोशी दिल की धड़कनों को बढ़ाती है, या फिर बोर करती है? इस फिल्म को देखें कि ना देखें, ये जानने के लिए पढ़ें गुस्ताख इश्क का रिव्यू .
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