मध्य प्रदेश में हाड़कंपा देने वाली ठंड की एंट्री हो गई है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक मध्य प्रदेश के कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, तीन बड़े मौसमी बदलावों की वजह से मध्य प्रदेश में फिर ठंड बढ़ गई है. तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन के एक साथ एक्टिव होने से देश के कई हिस्सों में जहां भारी बारिश और तूफान का खतरा बढ़ गया, तो वहीं मध्य प्रदेश में इसके असर से मावठा भी पड़ सकता है.
तूफानी हवाओं का मध्य प्रदेश पर ज्यादा असर
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अमित कुमार के मुताबिक, ” उत्तर-पूर्वी हवाएं सक्रिय होने से 23 नवंबर के बाद कोल्ड वेव की आशंका है. दक्षिण अंडमान सागर में बना लो प्रेशर एरिया 24 नवंबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके साथ अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में दूसरा और पूर्वी बंग्लादेश के पास तीसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. इन तीनों सिस्टम की वजह से पूरे भारत का और खासतौर पर मध्य प्रदेश का मौसम प्रभावित होगा.”
घने कोहरे के साथ कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग के मुताबिक 22 नवंबर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखा जा रहा है. वहीं, तापमान में थोड़ी बढ़त भी देखी गई. लेकिन 23 नवंबर के बाद से ठंड फिर अपना रौद्र रूप दिखा सकती है. पिछले 24 घंटों में मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी हिल स्टेश में 7.6 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा.
कई शहरों का तापमान 10 डिग्री के नीचे
मध्य प्रदेश में हाड़कंपा देने वाली ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई शहरों में तापमान 10 डिग्री के नीचे पहुंच गया है. वहीं, इससे नीचे तापमान आते ही एक्सट्रीम कोल्ड वेव की स्थिति बनेगी. राजगढ़ जहां 7.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा, तो वहीं जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत 12 से अधिक शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ.मौसम विभाग ने 23 नवंबर से कोल्ड वेव का अलर्ट जारी करते हुए बच्चे, बुजुर्ग व दिल के मरीजों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
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