Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

कवर्धा पहुंचा 4 हाथियों का झुंड, अचानकमार से कान्हा नेशनल पार्क की ओर कर रहा मूव

21

कवर्धा: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाके में इन दिनों 4 हाथियों का झुंड डटा है. हाथियों के इस झुंड में एक बेबी एलीफैंट भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते 15 से 20 दिनों से ये हाथी इलाके में घूम रहे हैं. वन विभाग के लोग हाथियों को भगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं. वन विभाग के मुताबिक 4 हाथियों का ये झुंड अचानकमार टाइगर रिजर्व इलाके से निकलकर सीमावर्ती गांवों के आस पास बना हुआ है. गांव वालों का कहना है कि हाथी दिन भर जंगल में घूमते हैं और रात के वक्त गांव में घुसकर मकानों को नुकसान पहुंचाते हैं. और तो और खेतों में लगी उनको फसलों को भी रौंद रहे हैं.

गांव के करीब पहुंचा हाथियों का झुंड: गांव के करीब हाथियों के पहुंचने से इलाके के लोग दहशत में हैं. गांव वाले रातजगा कर अपना और अपने फसल की रक्षा कर रहे हैं. एहतियात के तौर पर गांव के लोग रात के वक्त गांव से बाहर भी नहीं निकल रहे हैं.

वन विभाग कर रहा हाथियों की निगरानी: इलाके में हाथियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग लगातार गांव वालों को सतर्क करने में जुटा है. वन विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से हाथियों को लेकर मुनादी भी करानी शुरू कर दी है. लोगों से कहा जा रहा है कि वो जंगल की ओर नहीं जाएं. लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने को भी कहा गया है. हाथियों के मूवमेंट की जानकारी गांव वालों को फोन के माध्यम से भी वन विभाग की टीम दे रही है.खेतों और मकानों को पहुंचाया नुकसान: स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चार दिनों में हाथियों का झुंड धनवाही, साजाटोला, चेंद्रादादर, शैलरीदादर, गाढ़ीदादर, कोयलारी, दलदली, मुकाम सहित कई गांवों में घूम रहा है. धनवाही के सुंदर सिंह बैगा और साजाटोला के बलदेव सिंह बैगा समेत चार से अधिक लोगों के मकानों को हाथी नुकसान भी पहुंचा चुके हैं.

एमपी डिंडौरी के सठिया जंगल में ठहरे हैं हाथी: गांव वालों का कहना है कि हाथियों का झुंड लगातार इलाके में घूम रहा है. रविवार से हाथियों का झुंड एमपी के डिंडौरी से सटे सठिया जंगल में डेरा डाले हुए है. सठिया जंगल छत्तीसगढ़ की सीमा से महज 2 किमी दूर है. लोगों को डर है कि हाथियों का झुंड दोबारा उनके गांव का रुख न कर दे. जानकारी के अनुसार, यह हाथियों का झुंड अचानकमार से कान्हा नेशनल पार्क की ओर बढ़ रहा था, लेकिन मध्य प्रदेश के शैलरीदादर और गाढ़ीदादर के ग्रामीणों ने पटाखे और बर्तन बजाकर इन्हें वापस खदेड़ दिया. इसके बाद से हाथी सीमावर्ती गांवों में घूम रहे हैं और कान्हा नेशनल पार्क की ओर बढ़ने की तैयारी में हैं.

फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का बयान: वनमंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि ”लगभग 20–25 वनकर्मियों की टीमें अलग-अलग शिफ्टों में तैनात की गई है. गांवों को सतर्क किया जा रहा है और रात में घर के बाहर आग जलाकर रखने की सलाह दी गई है. उम्मीद जताई जा रही है कि हाथी जल्द ही अपने पुराने रास्ते से वापस लौट जाएंगे.

हाथियों से जुड़ी कुछ बातें

  • हाथी धरती पर सबसे बड़े जीवित स्तनधारी हैं.
  • अफ्रीकी हाथी सबसे बड़े होते हैं, जिनका वजन 6,800 किलोग्राम तक और ऊंचाई 4 मीटर तक होती है.
  • एशियाई हाथी थोड़े छोटे होते हैं, जिनका वजन 6,000 किलोग्राम और ऊंचाई 2.7 मीटर तक होती है.
  • हाथी मनुष्यों की तरह लंबा जीवन जी सकते हैं.
  • हाथी जटिल सामाजिक संरचनाओं में रहते हैं, जिनका नेतृत्व एक बड़ी मादा करती है।
  • हाथी शाकाहारी होते हैं और प्रतिदिन लगभग 200 किलो भोजन खाते हैं.
  • हाथी प्रतिदिन लगभग 150 लीटर पानी पीते हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.