भिलाई स्टील प्लांट हादसे में ठेका श्रमिक की मौत, आक्रोशित परिजन मेन गेट पर धरने पर बैठे, विधायक ने प्रबंधन को फटकारा
दुर्ग: भिलाई स्टील प्लांट में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक 24 वर्षीय ठेका श्रमिक हर्षवर्धन निषाद की मौत हो गई. हादसा सिंटर प्लांट-3 के पास सुबह करीब 11 बजे के आसपास हुआ. इस दौरान मोड पर डंपर की चपेट में आने से ठेका कर्मी की मौत हो गई.
बीएसपी प्लांट के अंदर ने डंपर ने मारी टक्कर: हर्षवर्धन अपनी साइकिल से ड्यूटी जा रहा था, इसी दौरान मोड़ पर अचानक सामने आए डंपर ने तेज रफ्तार में उसे जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया. सेक्टर 9 अस्पताल ले जाने पर युवक को मृत घोषित कर दिया गया.
मेनगेट पर परिजनों का धरना: घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे. गुस्से और आक्रोश में सभी लोग भिलाई स्टील प्लांट के मेन गेट के सामने धरने पर बैठ गए. परिजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद प्लांट प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी शुरुआत में उनसे मिलने नहीं आया.
हर्षवर्धन की मां का रो-रोकर बुरा हाल है, परिवार अपने 24 वर्षीय बेटे की अचानक हुई मौत से सदमे में है. इसके बाद मृतक के परिजन व मोहल्ले के लोग मेन गेट के सामने धरने पर बैठ गए. इसके बाद परिजन और मोहल्लेवासी भट्टी थाना पहुंचे जहां करीब चार घंटे तक लगातार बातचीत चली. इस दौरान भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव भी वहां पहुंच गए.
एक्सीडेंट के बाद युवक 15 से 20 मिनट तक तड़पता रहा लेकिन एंबुलेंस भी नहीं मिली. मृतक के छोटे भाई को अनुकंपा नियुक्ति और पिता के जीवनयापन के लिए उचित रकम मिलनी चाहिए -संदीप शर्मा, परिवार के सदस्य
प्लांट में लचर सुरक्षा व्यवस्था का आरोप: स्थिति गंभीर होती देख बीएसपी प्रबंधन की 5 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची और परिजनों से बातचीत शुरू की. परिजनों का साफ कहना है कि यह हादसा बीएसपी प्रबंधन और सुरक्षा अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम है. उनका आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था बहुत लचर है, जिसके कारण लगातार हादसे हो रहे हैं. परिजनों ने मांग की है कि हर्षवर्धन के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए और दुर्घटना के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए. जब तक प्रबंधन स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लेता, वे धरने से उठने से इनकार कर रहे हैं.
बीएसपी में आए दिन कोई न कोई घटना हो रही है.सेफ्टी इंचार्ज कुछ भी नहीं कर रहे. काफी देर तक तड़पने के बाद हॉस्पिटल ले जाया गया –प्रकाश यादव, स्थानीय
बीएसपी यूनियन नेता का आरोप: यूनियन नेताओं ने भी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि प्लांट में लगातार वर्कलोड बढ़ाया जा रहा है और सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिसके चलते बार-बार ऐसे हादसे हो रहे हैं. नेताओं ने बताया कि वे लंबे समय से प्रबंधन से सुरक्षा सुधार और अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई निर्णायक कदम नहीं उठाया गया है.
मैनेजमेंट कहती है कि सेफ्टी होने पर काम कीजिए लेकिन दबाव के कारण काम करना पड़ रहा है. ट्रेड यूनियन के साथ प्रबंधक कभी बैठक नहीं करता. पीड़ित परिजन को 10 लाख रुपये देना चाहिए-विनोद कुमार सोनी, बीएसपी यूनियन नेता
विधायक की चेतावनी: वहीं परिजन और मोहल्लेवासी भट्टी थाना पहुंचे जहां करीब चार घंटे तक लगातार बातचीत चली. इसी दौरान भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव भी पहुंचे और जिले के अधिकारी और बीएसपी प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि हादसे के बाद घायल युवक 20–25 मिनट तक तड़पता रहा लेकिन उसे अस्पताल ले जाने कोई नहीं आया. इतना ही नहीं, जिस ट्रक ने उसे कुचला वह बिना इंश्योरेंस के चल रहा था. विधायक ने प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि मृतक के परिवार को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली तो वे सड़क पर उतरकर संघर्ष करेंगे.
सड़क की लड़ाई मैदान की लड़ाई रहेगी. पीड़ित परिजन को नौकरी नहीं मिलती है तो बीएसपी के गेट पर आंदोलन किया जाएगा- देवेंद्र यादव, विधायक
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि बीएसपी प्लांट में हादसे का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. बीएसपी अधिकारियों ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा और अनुकंपा नियुक्ति देने की जानकारी दी है. प्लांट के सामने कुछ परिजन पहुंचे थे. सहायता राशि के संबंध में बातचीत की जा रही है.
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