रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसानों की समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा का गुस्सा फूट पड़ा. मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात का समय न मिलने के बाद किसान प्रतिनिधिमंडल सोमवार को राजभवन पहुंचा और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. किसान नेताओं ने सरकार पर किसान विरोधी रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि अब लोकतंत्र नहीं, फासीवाद का शासन चल रहा है.
राज्यपाल और मुख्यमंत्री से न मिलने पर किसान संगठनों में आक्रोश: संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी ने कहा कि किसानों की हालत लगातार बिगड़ रही है. न राज्यपाल मिलने को तैयार हैं, न मुख्यमंत्री. नेताओं का आरोप है कि अधिकारी भी असंवेदनशील रवैया अपनाए हुए हैं. किसान संगठनों ने कहा कि अब तो धरना-प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक अधिकार भी छीन लिए गए हैं. दो महीने के लिए धरना स्थलों पर रोक किसानों के बीच गहरा असंतोष पैदा कर रही है.
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