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भोपाल के होटल में तेंदुए की खाल और सिर लिए बैठे थे तस्कर, नागपुर DRI ने 3 को दबोचा

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भोपाल: मध्य प्रदेश में वन्यजीवों के शिकार के लगातार मामले सामने आ रहे हैं. राजस्व खुफिया निदेशालय यानी DRI नागपुर की टीम ने शनिवार देर रात को वन्यजीवों का शिकार करने वाले 3 तस्करों को दबोचने में कामयाबी पाई है. टीम ने भोपाल के होटल से 3 तस्करों को दबोचकर उनके पास से तेंदुए की खाल और इसके साथ तेंदुए के सिर को जब्त किया है. यह तस्कर इन्हें बेचने की फिराक में थे.

DRI की टीम ने तीनों तस्करों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में गिरफ्तार किया है. टीम अब आरोपियों से पूछताछ कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने शिकार कहां से किया और किस-किस राज्य में इनका नेटवर्क फैला हुआ है.

मध्य प्रदेश में सक्रिय हैं शिकारी
मध्य प्रदेश में लगातार वन्यजीवों के शिकार के मामले सामने आ रहे हैं. 26 अक्टूबर को प्रदेश के जबलपुर स्थित सिहोर में एक फैक्ट्री परिसर से तेंदुए का शव बरामद किए गया था, जिसके दांव और नाखून गायब मिले थे. तेंदुए के शिकार की आशंका जताई गई है. प्रदेश में वन्यप्राणियों के लगातार शिकार के मामले सामने आ रहे हैं.

बाघों पर हो रही सख्ती के बाद अब शिकारियों के निशाने पर तेंदुए हैं, जो बाघों की तुलना में बड़ी संख्या में मौजूद हैं. विधानसभा में सरकार ने भी माना है कि प्रदेश में वन्यप्राणियों के लगातार शिकार के मामले सामने आ रहे हैं. पिछले विधानसभा में सरकार ने भी माना है कि प्रदेश में वन्यप्राणियों के लगातार शिकार के मामले सामने आ रहे हैं. पिछले 5 सालों में प्रदेश में 2274 वन्यजीवों के शिकार हुए हैं.

बांधवगढ़ में सबसे ज्यादा जा रही जान
प्रदेश के सबसे ज्यादा बाघों वाला बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भी शिकारियों की पहुंच से दूर नहीं है. बांधवगढ़ नेशनल पार्क में सबसे ज्यादा बांघों की संख्या है, लेकिन यहां सबसे ज्यादा बाघों की जान भी जा रही है. बांधवगढ़ में पिछले एक माह में 5 बाघों की जान जा चुकी है. रिटायर्ड अधिकारी सुदेश बाघमारे कहते हैं कि, ”मध्य प्रदेश के जंगलों में शिकारी सक्रिय हैं.

इसके अलावा कई स्थानीय लोग भी ऐसे लोगों के मददगार बन रहे हैं. बाघों के अलावा तेंदुए भी शिकारियों के निशाने पर हैं. इसकी वजह यह भी है कि इसके लिए शिकारियों को टाइगर रिजर्व के अंदर जाने की जरूरत नहीं होती. तेंदुए बाहरी इलाके में ही मिल जाते हैं. हालांकि ऐसे लोगों पर लगातार लगाने के लिए लगातार कार्रवाई चल रही है, लेकिन इसमें और सख्ती की जरूरत है.”

लगातार पकड़े जा रहे शिकारी
वन्यजीवों का शिकार करने वाले भी लगातार पकड़े जा रहे हैं. इसी साल जुलाई माह में भी डीआरआई ने 6 आरोपियों को पकड़कर उनके पास से बाघों के अंग बरामद किए थे. आरोपियों ने सिवनी में करंट लगातार बाघ शावक का शिकार किया था. इसके पहले मई 2025 में 4 तस्करों को पकड़कर उनके पास से ट्रॉफी में बदली गई दो तेंदुए की खालें और जंगली सूअर के दांत बरामद किए थे.

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