हरमनप्रीत ने किया स्पष्ट! मिताली राज और झूलन गोस्वामी को वर्ल्ड कप ट्रॉफी देने का क्या था मकसद? कहा- ‘हम बस उन्हें…’
नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में भारतीय महिला टीम ने इतिहास रच दिया. महिला वनडे वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को हराकर पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया. खिताब जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने पूर्व भारतीय खिलाड़ी मिताली राज और झूलन गोस्वामी को ट्रॉफी देकर खूब जश्न मनाया था. इस मामले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है.
हरमनप्रीत कौर ने क्या कहा?
2 नवंबर को डीवाई पाटिल स्टेडियम में जैसे ही भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने दीप्ति शर्मा की गेंद पर नादिन डी क्लर्क का कैच पकड़ा, वैसे ही पूरे स्टेडियम में जश्न शुरू हो गया और सभी फैंस अपनी सीटों से खड़े हो गए. भारतीय महिला टीम ने जल्द ही वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई, लेकिन टीम उन लोगों को धन्यवाद देना नहीं भूली जो उनसे पहले आए थे और जिन्होंने कड़ी मेहनत की थी.
हरमनप्रीत की टीम ने मिताली राज, झूलन गोस्वामी और अंजुम चोपड़ा को उनके प्रयासों को पहचानने के लिए ट्रॉफी देना जरूरी समझा. हरमनप्रीत ने आखिरकार इस बारे में अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि पूरी टीम बस उन लोगों का सम्मान करना चाहती थी जो उनसे पहले आए थे और हर मुश्किल के बावजूद कड़ी मेहनत की थी.
ये पल बहुत खास था
हरमप्रीत कौर ने ICC रिव्यू पर कहा, “पिछले वर्ल्ड कप में मिली हार से हम सब बहुत दुखी थे. हमें पता था कि ये झूलन दी और मिताली दी का आखिरी वर्ल्ड कप था. मैं और स्मृति मंधाना बैठे बात कर रहे थे, हम दुखी थे कि हम उनके लिए ये नहीं कर पाए”.
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन हमने तय किया था कि जब भी हम फ्यूचर में ऐसा करेंगे, तो हम ये पक्का करेंगे कि वे स्टेडियम में मौजूद हों. हम सच में उनके साथ वो पल कैद करना चाहते थे. सच में ये बहुत खास था”. हरमनप्रीत कौर ने कहा कि वहां सब लोग थे. उनके साथ ये पल शेयर करना हमारे लिए सच में बहुत खास था. हमने उनके बिना इस पल के बारे में सोचा ही नहीं था.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.