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चांदनी चौक बनाम शीश गंज: नाम बदलने की मांग क्यों हो रही है? पंजाब भाजपा ने पत्र लिखकर उठाई बड़ी आवाज

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पंजाब ईकाई ने दिल्ली के चांदनी चौक का नाम शीश गंज रखने की मांग की है. 25 नवंबर को गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहीदी वर्षगांठ से पहले पार्टी ने ये अपील की है. पंजाब बीजेपी के नेता और पार्टी प्रवक्ता प्रीतपाल सिंह बलियावाल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेटर लिखकर ये मांग की.

बलियावाल ने लिखा, यह भारत के सहिष्णुता, बहादुरी और आस्था की स्वतंत्रता के मूल्यों के प्रति ऐतिहासिक श्रद्धांजलि होगी. उन्होंने कहा कि वह एक सिख और एक भारतीय दोनों के रूप में गहरी श्रद्धा के साथ गुरु तेग बहादुर जी, हिंद की चादर के अद्वितीय बलिदान को याद करने के लिए लिख रहे हैं. गुरु तेग बहादुर ने धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा और मानवता की अंतरात्मा की रक्षा के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया.

चुप्पी के बजाय बलिदान को चुना

उन्होंने कहा कि चांदनी चौक का नाम बदलकर शीश गंज रखने से गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की भावना अमर हो जाएगी और आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाया जाएगा कि भारत उन लोगों की वजह से मजबूत है, जिन्होंने चुप्पी के बजाय बलिदान को चुना. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस प्रस्ताव पर संवेदनशीलता और गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया.

शीश गंज गुरुद्वारा का क्या है महत्व?

शीश गंज गुरुद्वारा का क्या महत्व है, बलियावाल ने इसके बारे में भी बताया.उन्होंनेलिखा कि 1675 में मुग़ल शासन के दौरान धार्मिक उत्पीड़न अपने चरम पर थामंदिरों को नष्ट कर दिया गयाधर्मग्रंथों को जला दिया गया और निर्दोष लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गयापंडित कृपा राम के नेतृत्व में 500 से ज़्यादा कश्मीरी पंडितों ने अपने धर्म की रक्षा के लिए श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर से संपर्क किया.

बीजेपी नेता ने लिखा कि गुरु साहिब ने सरबत दा भला के सिद्धांत को कायम रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने का निर्णय लियाउन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर का सिर उसी स्थान पर काटा गया था जहां आज गुरुद्वारा श्री शीश गंज साहिब स्थित हैयह स्थान आज भी साहसबलिदान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का प्रतीक है.

उन्होंने लिखाइस पवित्र स्थान से गुजरने वाले हर व्यक्ति को यह याद दिलाया जाएगा कि यह वह भूमि है जहां सत्य के लिए सिर कुर्बान किया गया थालेकिन सत्य से कभी समझौता नहीं किया गयाबलियावाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ऐसा निर्णय दुनिया भर के करोड़ों सिखों और भारतीयों को गर्व और श्रद्धा से भर देगा और एकता तथा सर्वधर्म सम्मान का एक मजबूत संदेश देगा

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