Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

पाकिस्तान के अंदर जाकर बम बरसाए थे बलिदानी प्रेम ने, बैरागढ़वासियों ने पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक किया याद

54

 भोपाल। देश की खातिर अपना सर्वस्व कुर्बान करने वाले फ्लाइंग ऑफिसर प्रेम रामचंदानी का बलिदान दिवस संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में श्रद्धा के साथ मनाया गया। संस्कार संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कर्नल नारायण पारवानी ने बलिदानी प्रेम रामचंदानी की शौर्य गाथा पर प्रकाश डाला। देश के लिए बलिदान देने वाले इस वीर नायक के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।

कर्नल पारवानी ने बलिदानी प्रेम के जीवन चरित्र का वर्णन किया और कहा कि उनके जैसे शूरवीर नायक युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। युवाओं को देश के प्रति समर्पित रहना चाहिए। बलिदानी प्रेम ने नौ बार पाकिस्तान पर हवाई हमला किया। कार्यक्रम में मप्र आवास संघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील वासवानी, संस्कार संस्था के सचिव बसंत चेलानी, प्राचार्य आरके मिश्रा, मीनल नरियानी एवं चंद्र नागदेव सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

पाकिस्तानी सीमा में जाकर किया था हमला

कर्नल नारायण पारवानी ने बताया कि जब भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ था] तब प्रेम सात साल के थे। उनके अंदर देशभक्ति का जज्बा था। वह पढ़ाई में बहुत अच्छे थे और किसी भी विभाग में जा सकते थे, लेकिन उन्होंने वायुसेना में जाते हुए देशसेवा की राह चुनी। 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान इस वीर फाइटर पायलट ने नौ बार पाकिस्तार की सीमा में घुसकर बम बरसाए, लेकिन दसवें हमले में पाक गोलाबारी से उनके विमान में आग लग गई। उन्हें अपने प्राणों का बलिदान देना पडा। अंतिम क्षणों में इस वीर सैनिक के शब्द थे- ‘मुझे अफसोस है कि अपने देश पर न्यौछावर करने के लिये मेरे पास केवल एक ही जीवन है।’ समारोह में बलिदानी प्रेम के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.