Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई: बीड में 1.94 करोड़ का 1.19 लाख kg मिलावटी खाद्य तेल जब्त, 5 फैक... संबलपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा की धूम: धर्मेंद्र प्रधान संग सड़क पर उतरे हजारों लोग, देशभक्ति के ... PM मोदी ने की CWG 2026 पदक विजेताओं की अगवानी: 7 LKM में खिलाड़ियों से मुलाकात, दिया "जो खेलेगा, वो ... मुंबई में FDA की बड़ी कार्रवाई का होटल कारोबारियों ने किया समर्थन: बोले— 'ग्राहकों की सेहत से समझौता... दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन आज, CAG रिपोर्ट और नए विधेयकों पर हंगामे के आसार सिद्धार्थनगर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने ₹311 करोड़ की 107 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण व शिलान्... सीएजी रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बोला तीखा ... प्रयागराज में राहुल गांधी की 'छात्रों की गूंज' सभा, केंद्र सरकार, पीएम मोदी और अमित शाह पर बोला तीखा... पूर्णिया में कोहराम: दो हादसों में 5 बच्चों की डूबने से मौत, कसबा में 3 सगे भाई और बायसी में 2 चचेरी... हवा में 300 फीट नीचे गिरी एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली फ्लाइट: पायलटों पर DGCA का एक्शन, साइकोएक्टिव ट...

पाकिस्तान के अंदर जाकर बम बरसाए थे बलिदानी प्रेम ने, बैरागढ़वासियों ने पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक किया याद

63

 भोपाल। देश की खातिर अपना सर्वस्व कुर्बान करने वाले फ्लाइंग ऑफिसर प्रेम रामचंदानी का बलिदान दिवस संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) में श्रद्धा के साथ मनाया गया। संस्कार संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कर्नल नारायण पारवानी ने बलिदानी प्रेम रामचंदानी की शौर्य गाथा पर प्रकाश डाला। देश के लिए बलिदान देने वाले इस वीर नायक के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।

कर्नल पारवानी ने बलिदानी प्रेम के जीवन चरित्र का वर्णन किया और कहा कि उनके जैसे शूरवीर नायक युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। युवाओं को देश के प्रति समर्पित रहना चाहिए। बलिदानी प्रेम ने नौ बार पाकिस्तान पर हवाई हमला किया। कार्यक्रम में मप्र आवास संघ के पूर्व अध्यक्ष सुशील वासवानी, संस्कार संस्था के सचिव बसंत चेलानी, प्राचार्य आरके मिश्रा, मीनल नरियानी एवं चंद्र नागदेव सहित अनेक लोग उपस्थित थे।

पाकिस्तानी सीमा में जाकर किया था हमला

कर्नल नारायण पारवानी ने बताया कि जब भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ था] तब प्रेम सात साल के थे। उनके अंदर देशभक्ति का जज्बा था। वह पढ़ाई में बहुत अच्छे थे और किसी भी विभाग में जा सकते थे, लेकिन उन्होंने वायुसेना में जाते हुए देशसेवा की राह चुनी। 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान इस वीर फाइटर पायलट ने नौ बार पाकिस्तार की सीमा में घुसकर बम बरसाए, लेकिन दसवें हमले में पाक गोलाबारी से उनके विमान में आग लग गई। उन्हें अपने प्राणों का बलिदान देना पडा। अंतिम क्षणों में इस वीर सैनिक के शब्द थे- ‘मुझे अफसोस है कि अपने देश पर न्यौछावर करने के लिये मेरे पास केवल एक ही जीवन है।’ समारोह में बलिदानी प्रेम के प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.