Legal News Delhi: नियमों का उल्लंघन कर कार से वर्चुअल सुनवाई में शामिल हुए एडवोकेट, भरना होगा भारी जुर्माना
दिल्ली हाईकोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई (Video Conferencing) के दौरान अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वाले एक वकील के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा कभी भी कोर्टरूम की गरिमा और मर्यादा की कीमत पर नहीं दी जा सकती है और न ही इससे न्यायिक कार्यवाही के संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होनी चाहिए. जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की जब उन्होंने पाया कि मामलों की अधिकता के बीच इस तरह की हरकतें न्यायिक कामकाज में रुकावट डालती हैं.
⚖️ ‘वर्चुअल नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है वकील का यह आचरण’, हाईकोर्ट की दो टूक
कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया कि उच्च न्यायालय के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम, 2025 के अनुसार वकीलों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर और अदालत की पूर्व अनुमति के बिना कभी भी चलते हुए वाहनों से न्यायिक कार्यवाही में शामिल न हों. अदालत ने कहा कि यह नियम केवल एक प्रक्रिया भर नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि वर्चुअली पेश होने वाले वकील भी उचित और अनुकूल माहौल से अदालत की कार्यवाही का हिस्सा बनें. इस मामले में ऐसी कोई आपातकालीन परिस्थिति नहीं पाई गई, जिसके चलते वकील के आचरण को नियमों का खुला उल्लंघन माना गया.
🚗 चलती कार से कार्यवाही में शामिल हुए थे वकील, एक हफ्ते में जमा करनी होगी जुर्माना राशि
यह पूरा मामला साउथ इंडियन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ शुरू की गई प्रवर्तन कार्यवाही की सुनवाई के दौरान सामने आया. साउथ इंडियन बैंक की तरफ से पेश हुए वकील सुनवाई के वक्त चलती कार के भीतर मौजूद थे और वहीं से कार्यवाही में भाग ले रहे थे. इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने एडवोकेट नचिकेता गोयल को दिल्ली हाईकोर्ट कानूनी सेवा समिति (DHCLSC) के पास एक हफ्ते के भीतर 1 लाख रुपये का जुर्माना जमा करने का कड़ा निर्देश दिया है.
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