Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ... रांची के कांके रोड पर बेकाबू ट्रैक्टर का तांडव: आधा दर्जन बाइक-स्कूटी को रौंदा, एक गंभीर रूप से घायल जौनपुर की शाहजहां बानो बनीं 'प्रतीक्षा': सनातन धर्म अपनाकर बरेली के आश्रम में प्रेमी पवन संग रचाया व... गुरुग्राम के सूरत नगर में MNC कर्मचारी की संदिग्ध हालात में मौत, फंदे से लटकता मिला शव बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त मंदसौर में घर की सीढ़ियों पर बैठा दिखा विशालकाय मगरमच्छ! चीख पड़ी महिला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर चंब... बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन,... देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— "सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ ... मानसून का रौद्र रूप! यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में तूफानी हवाओं की... जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता

देश से प्रदेश तक गूंजा एसआईआर का असर, सीएम साय बोले – निर्वाचन आयोग का कदम स्वागत योग्य

26

रायपुर: देश में चुनावी पारदर्शिता को लेकर शुरू की गई एसआईआर (Systematic Investigation Report) प्रक्रिया का असर अब राज्यों तक पहुंच चुका है. छत्तीसगढ़ में भी इस पर चर्चा तेज हो गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी. उन्होंने निर्वाचन आयोग को इसके लिए धन्यवाद दिया है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान: मुख्यमंत्री साय ने कहा- “एसआईआर प्रक्रिया एक अच्छा और पारदर्शी कदम है. यह चुनावी प्रक्रिया में विश्वास और जवाबदेही को बढ़ाएगा. हम निर्वाचन आयोग के इस फैसले का स्वागत करते हैं. सरकार पूर्ण रूप से आयोग के साथ सहयोग करेगी.” साय ने आगे कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं और किसी भी ऐसी प्रणाली का स्वागत किया जाना चाहिए जो पारदर्शिता को मजबूत करे.

क्या है एसआईआर प्रक्रिया: एसआईआर यानी Systematic Investigation Report, निर्वाचन आयोग की एक नई पहल है, जिसके तहत चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अनियमितताओं, खर्च के स्रोत, उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और आचार संहिता के पालन की व्यवस्थित जांच की जाती है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य है कि मतदाताओं को निष्पक्ष जानकारी मिले और चुनावी तंत्र पर जनता का भरोसा और गहरा हो.

छत्तीसगढ़ में भी बढ़ी हलचल: छत्तीसगढ़ में बीते कुछ वर्षों में कई चुनावी विवाद, खर्च पारदर्शिता और उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर मुद्दे उठते रहे हैं. ऐसे में एसआईआर प्रक्रिया को राज्य की राजनीति में ‘चुनावी सुधार की दिशा में बड़ा कदम’ माना जा रहा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.