Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

देश से प्रदेश तक गूंजा एसआईआर का असर, सीएम साय बोले – निर्वाचन आयोग का कदम स्वागत योग्य

18

रायपुर: देश में चुनावी पारदर्शिता को लेकर शुरू की गई एसआईआर (Systematic Investigation Report) प्रक्रिया का असर अब राज्यों तक पहुंच चुका है. छत्तीसगढ़ में भी इस पर चर्चा तेज हो गई है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगी. उन्होंने निर्वाचन आयोग को इसके लिए धन्यवाद दिया है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान: मुख्यमंत्री साय ने कहा- “एसआईआर प्रक्रिया एक अच्छा और पारदर्शी कदम है. यह चुनावी प्रक्रिया में विश्वास और जवाबदेही को बढ़ाएगा. हम निर्वाचन आयोग के इस फैसले का स्वागत करते हैं. सरकार पूर्ण रूप से आयोग के साथ सहयोग करेगी.” साय ने आगे कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं और किसी भी ऐसी प्रणाली का स्वागत किया जाना चाहिए जो पारदर्शिता को मजबूत करे.

क्या है एसआईआर प्रक्रिया: एसआईआर यानी Systematic Investigation Report, निर्वाचन आयोग की एक नई पहल है, जिसके तहत चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी अनियमितताओं, खर्च के स्रोत, उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि और आचार संहिता के पालन की व्यवस्थित जांच की जाती है. इस प्रक्रिया का उद्देश्य है कि मतदाताओं को निष्पक्ष जानकारी मिले और चुनावी तंत्र पर जनता का भरोसा और गहरा हो.

छत्तीसगढ़ में भी बढ़ी हलचल: छत्तीसगढ़ में बीते कुछ वर्षों में कई चुनावी विवाद, खर्च पारदर्शिता और उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर मुद्दे उठते रहे हैं. ऐसे में एसआईआर प्रक्रिया को राज्य की राजनीति में ‘चुनावी सुधार की दिशा में बड़ा कदम’ माना जा रहा है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.