भिलाई: सूर्य उपासना का महापर्व छठ ट्विनसिटी में आस्था और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ. मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रती महिलाओं ने तीन दिन के कठिन व्रत का समापन किया. पारंपरिक लोकगीतों की मधुर धुनों उगाही सूरज देव, अरघ के रे बेरवा.. के बीच घाटों का माहौल भक्ति में डूबा रहा.
भिलाई दुर्ग में हजारों लोग मनाते हैं छठ: दुर्ग जिले के तालाबों में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. घाटों पर व्रती महिलाएं परिवार की सुख, समृद्धि और संतान की दीर्घायु की कामना करते हुए कमर तक जल में खड़ी होकर भगवान भास्कर को अर्घ्य दे रही थीं. इससे पहले सोमवार शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने पूरी रात जागरण कर गीत-भजन के साथ छठी मैया की आराधना की.
भिलाई के सभी तालाबों में छठ महापर्व का उत्साह: सुबह पहली किरण फूटने से पहले दीपदान कर श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए छठी मैया का आभार जताया. घाटों पर सुहागिनों ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना की और छठी मैया को विधि-विधान से विदाई दी.
छठ महापर्व का समापन: इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे भी घाट पहुंचे. उन्होंने सभी व्रतधारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा की तीन दिनों की कठोर तपस्या के बाद आज व्रत का समापन हुआ है. यह पर्व जन-जन की आस्था और अनुशासन का प्रतीक है. मैं सभी व्रतियों और श्रद्धालुओं को छठ महापर्व की हार्दिक बधाई देता हूं.
छठ पर्व के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम रहे, वहीं नगर निगम की ओर से घाटों की साफ-सफाई और रोशनी की व्यवस्था की गई. भक्ति, अनुशासन और लोकगीतों के संगम ने ट्विनसिटी के घाटों को एक अद्भुत दृश्य बना दिया.
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