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संत का अपमान! मंदिर में बकरियां चराने से रोका तो साधु की काट दी चोटी, संत समाज में आक्रोश, दी बड़ी चेतावनी

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मध्य प्रदेश के मुरैना में खड़ियाहर पंचायत के इटौरा हनुमान मंदिर पर रहने वाले बाबा प्रीतम दास के साथ गांव के ही दो लोगों ने मारपीट कर उनकी चोटी काट दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 अक्टूबर की है. मंदिर पर 19 अक्टूबर को गांव के श्यामवीर बघेल और महावीर बघेल के बच्चे अपनी बकरियों को हनुमान मंदिर के पास चर रहे थे. बाबा प्रीतम दास ने बच्चों को बकरियों को मंदिर के पास चराने से मना किया, क्योंकि बकरियां नए लगाए गए पेड़ों को खा रही थीं.

बच्चों ने यह बात अपने घर जाकर परिजनों को बताई. इसके अगले दिन, 20 अक्टूबर को श्यामवीर बघेल और महावीर बघेल ने बाबा को खड़ियाहर जाते समय रास्ते में पकड़ लिया और मारपीट कर उनकी चोटी काट दी. साथ ही लाठी डंडों से भी उनपर हमला किया.

बाबा प्रीतम दास ने बताया कि वे बच्चों को मंदिर के पास बकरी चराने से इसलिए रोक रहे थे. क्योंकि वहां पेड़ लगे हुए थे और बकरियां उन्हें नुकसान पहुंचा रही थीं. मारपीट के बाद बाबा दहशत में थे और उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की.

जबरन उखाड़ दी चोटी

पुलिस ने बताया- हमलावरों ने पहले संत को घायल किया. इसके बाद संत की वर्षों से साधना स्वरूप रखी गई जटाओं को पकड़कर जबरन उखाड़ दिया, जिससे संत को गंभीर चोटें आईं और उनका अपमान भी हुआ. संत की शिकायत पर पुलिस ने घटना के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

संत समाज में आक्रोश

घटना के बाद साधु-संत समाज में आक्रोश व्याप्त है. साधु समाज का कहना है कि सनातन संस्कृति के प्रतीक साधुओं पर इस तरह का हमला निंदनीय है. उनके अनुसार, अगर शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

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