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प्रदूषण का ‘खतरा’ घर के अंदर भी! बढ़ते AQI से बचने के लिए एक्सपर्ट के 5 आसान उपाय, जानें कैसे रखें हवा शुद्ध

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 देश के कई राज्यों में लगातार बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) और प्रदूषण का स्तर लोगों की चिंता बढ़ा रहा है. हवा में धूल, धुआं, गैसों और हानिकारक कणों की मात्रा बढ़ने से सांस लेना तक मुश्किल होता जा रहा है. इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर जल्दी और ज्यादा पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि हम न केवल बाहर बल्कि अपने घर के अंदर भी खुद को सुरक्षित रखें और अपनी सेहत पर खास ध्यान दें.

जब हवा में PM 2.5 और PM 10 जैसे छोटे-छोटे धूल और प्रदूषण के कण बढ़ जाते हैं, तो वे सांस के साथ शरीर के अंदर चले जाते हैं और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. लंबे समय तक प्रदूषित हवा में रहना शरीर की इम्यूनिटी कमजोर करता है और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ाता है. त्वचा पर रैशेज़, आंखों में जलन और थकान भी आम लक्षण बन जाते हैं. बच्चों और बुजुर्गों में यह असर और भी तेज होता है क्योंकि उनका शरीर कमजोर होता है. प्रदूषण न सिर्फ फेफड़ों बल्कि हार्ट और दिमाग के कामकाज पर भी असर डालता है.

कैसे करें घर में खुद की देखभाल

लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में डॉ. एल.एच. घोटेकर बताते हैं कि अगर बाहर की हवा जहरीली हो, तो जरूरी है कि घर के अंदर का वातावरण स्वच्छ रखा जाए. सबसे पहले, सुबह-शाम खिड़कियां सिर्फ कुछ देर के लिए खोलें ताकि ताजी हवा आ सके, लेकिन ज्यादा देर तक खुला न रखें. घर के अंदर पौधे जैसे एलोवेरा, स्पाइडर प्लांट और स्नेक प्लांट लगाएं, ये प्राकृतिक एयर प्यूरिफायर हैं. एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और उसके फिल्टर को नियमित रूप से साफ करें.

खुद को हाइड्रेट रखें, दिनभर पर्याप्त पानी पिएं ताकि शरीर से टॉक्सिन्स निकल सकें. खाने में विटामिन सी, डी और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें शामिल करें जिससे इम्यूनिटी मजबूत रहे. बाहर निकलना जरूरी हो तो N95 मास्क पहनें और घर लौटकर हाथ-मुंह अच्छी तरह धोएं.

ये भी जरूरी

घर में धूम्रपान न करें.

घर में पौधे लगाकर हवा को साफ और ताजा रखें.

हर्बल चाय और हल्दी वाला दूध पिएं.

रोजाना हल्का व्यायाम करें.

विटामिन सी युक्त फल खाएं.

घर की सफाई में सुगंधित केमिकल्स से बचें.

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