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झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही पर बड़ा एक्शन: गांव के कई निजी चिकित्सकों को नोटिस, SDM ऑफिस पहुंचने पर मचा हड़कंप, प्रशासन सख्त

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बालोद: जिले में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से हुई मौत के बाद अब कई निजी डॉक्टर्स को नोटिस मिला है. इन लोगों में से कई के पास कोई डिग्री नहीं है, या डिग्री है भी तो वो इलाज करने के दायरे में है या नहीं इसकी जांच जरूरी है. ऐसे में SDM से नोटिस मिलने के बाद जिले में संचालित सभी निजी प्रैक्टिशनर ऑफिस पहुंचे. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंचकर उन्होंने अपनी दलील दी. कहा कि, वे सालों से सेवाएं दे रहे हैं ये बंद होने से रोजी-रोटी की परेशानी हो जाएगी.

कुछ दिनों की मिली मोहलत: दरअसल, नोटिस में इन डॉक्टर्स को समय रहते मेडिकल काउंसिल से अनुमति और चिकित्सा संबंधित डिग्रियों को पेश करने कहा गया है. ऐसे में जिनके पास कोई डिग्री नहीं है लेकिन सालों से गांव में निजी प्रैक्टिशनर के रूप में काम कर रहे हैं वे परेशान हैं. हालांकि, अनुविभागीय अधिकारी ने उन्हें कुछ दिनों का समय दिया है कि सारे दस्तावेज पेश करें. साथ ही मेडिकल काउंसिल से रजिस्टर कराने कहा जा रहा है.

हम सब सैकड़ों निजी प्रैक्टिशनरों को नोटिस दिया गया है और यह पूछा गया है कि आप किस आधार पर चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, हमने बताया है कि, हम लंबे समय से निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं और गांव में हम अपनी सेवाएं देते हैं अगर इस तरह हमारा काम छिन गया तो हम सब बेरोजगार हो जाएंगे– निजी चिकित्सक विशंभर सिन्हा

वैद्यराज की तरह दें काम: नोटिस मिलने वाले एक डॉक्टर ने बताया कि नोटिस मिलना और दस्तावेज समेत जानकारी लेना सही भी है, लेकिन हम सही मायने में गांव क्षेत्र के चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जैसे वैद्यराज को काम करने शासन प्रोत्साहन दे रही है वैसे ही हमें भी सरकार किसी गाइडलाइन से जोड़े. वहीं निजी चिकित्सक योगेश दिल्लीवार ने बताया कि जिस तरीके से हमें एक्ट लगाकर नोटिस दिया गया है उसके हिसाब से तो हमे प्रैक्टिस बंद करना पड़ जायेगा. हमने अपना जीवन सारा चिकित्सा सेवा में समर्पित कर दिया है हमें और कोई काम नहीं आता.

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