रोहिणी के एक आश्रम में शिष्यों के साथ रेप और उत्पीड़न करने वाले आरोपी वीरेंद्र देव दीक्षित की मौत हो गई है. आरोपी वीरेंद्र की मौत की सूचना सीबीआई की एक विशेष अदालत ने दी है. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की मौत 2023 हो चुकी है. ये काफी समय से फरार चल रहा था. दिल्ली हाई कोर्ट के एक आदेश के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी.
मुकदमे को खत्म करने की मांग
अब आरोपी वीरेंद्र की मौत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई की तरफ से इस मामले को खत्म करने की मांग की गई है. सीबीआई ने 2018 और 2019 में वीरेंद्र के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर और इंटरपोल ब्लू नोटिस जारी किया था. अब सीबीआई उन मामलों में ट्रायल रद्द करने की मांग की है. इन मामलों में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी. कोर्ट ने लापता लड़कियों, यौन अपराधों और एक सुसाइड की शिकायत के लिए भी जांच के आदेश दिए थे.
नेपाल तक हुई वीरेंद्र की खोज
महिलाओं के खिलाफ कई गंभीर मामलों के अपराधी वीरेंद्र देव दीक्षित को पकड़ने के लिए नेपाल तक इसकी जांच की गई. ये महिलाओं को अवैध रूप से अपने आश्रम में बंदी बनाता था. उनके साथ रेप करने के बाद मामले को दबाने के लिए वो महिलाओं को धमकी देता था.उस पर आरोप था कि वो महिलाओं को एक किले जैसी जगह पर बंद रखता था.
वो किला कांटेदार तारों से पूरी तरह से घेरा गया था, ताकि आसानी से वहां कोई भी घुसने की कोशिश न कर सके और वो इस तरह की घिनौनी वारदातों को अंजाम देता रहे. जब इस मामले में कई शिकायतें आईं तो दिल्ली पुलिस की तरह से एफआईआर दर्ज करके मामले की जांच शुरू की गई थी. इनमें से दो मामले वीरेंद्र दीक्षित के खिलाफ थे, जबकि एक और मामले में कोई दूसरा शख्स आरोपी था.
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