Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

नेपाल में जेन-जी आंदोलन के बाद पहली बार दिखे केपी शर्मा ओली, युवा संघ के कार्यक्रम में हुए शामिल

17

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेकपा (यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच पर वापसी की है. शनिवार को ओली ने भक्तपुर में पार्टी की छात्र इकाई राष्ट्रीय युवा संघ के कार्यक्रम में शिरकत की.

यह कदम उनकी सियासी सक्रियता और खासकर युवाओं से दोबारा जुड़ने की कोशिश माना जा रहा है. जनाक्रोश और खूनखराबे के बाद ओली को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी. उनकी जगह पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया.

इस्तीफे के बाद पहली झलक

8 सितंबर को शुरू हुए जेन-जी आंदोलन और उसके अगले दिन 9 सितंबर को इस्तीफे के बाद से ओली जनता के सामने नहीं आए थे. सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती दिनों में वे नेपाली सेना की सुरक्षा में रहे और फिर अस्थायी निवास में शिफ्ट किए गए. पार्टी के उपमहासचिव प्रदीप ज्ञवाली ने हाल ही में पुष्टि की थी कि ओली सचिवालय की बैठक में शामिल होंगे. इसी कड़ी में यह सार्वजनिक उपस्थिति हुई.

अगले चुनाव और ओली की वापसी की कोशिश

वर्तमान संसद भंग हो चुकी है और मार्च 2026 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं. इस बीच सड़कों पर प्रदर्शन थमा नहीं है. काठमांडू समेत बड़े शहरों में युवा लगातार राजनीतिक सुधार की मांग कर रहे हैंय

ऐसे माहौल में ओली का यह सार्वजनिक आगमन केवल पार्टी को एकजुट करने का नहीं बल्कि अपनी प्रासंगिकता बचाने का भी प्रयास समझा जा रहा है. सवाल यही है कि क्या जनता, खासकर जेन-जी पीढ़ी, उन्हें दोबारा स्वीकार करेगी या यह आंदोलन नेपाल की राजनीति का स्थायी मोड़ बन जाएगा.

जेन-जी आंदोलन और खूनखराबा

8 सितंबर को संसद भवन के सामने शुरू हुए छात्र-युवा प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठे. प्रदर्शनकारियों की मांग थी भ्रष्टाचार का अंत, पारदर्शिता और विवादित सोशल मीडिया बैन को खत्म किया जाए.

लेकिन सुरक्षा बलों ने पानी की बौछार, आंसू गैस और यहां तक कि गोलियां चलाईं. संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने अंदर से फायरिंग की. उसी दिन 21 युवाओं की मौत हुई, अगले दिन 39 और, जिनमें 15 लोग गंभीर जलने से मारे गए. इस आंदोलन में अब तक कुल 74 लोगों की जान जा चुकी है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.