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मध्य प्रदेश में एक-दो दिनों के भीतर जारी हो जाएगी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता, दो महीने से ज्यादा की हुई देरी

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भोपाल। मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ हो जाएगी। इसके पहले एक-दो दिन के भीतर नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता जारी करने की तैयारी है। लगभग दो सौ कॉलेजों को मान्यता मिलने के आसार हैं। इनमें 20 हजार से अधिक सीटें हो सकती हैं। इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार 30 सितंबर तक कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जानी थी, पर निरीक्षण में देरी के चलते अभी तक मान्यता ही जारी नहीं हो पाई है। निर्धारित तारीख के बाद प्रवेश के लिए राज्य सरकार को विशेष अनुमति लेनी होगी।

मप्र नर्सिंग काउंसिल के कैलेंडर के अनुसार 14 जुलाई तक कालेजों का निरीक्षण पूरा हो जाना था। इसके बाद मान्यता जारी होनी थी। नए और पुराने मिलाकर 172 कॉलेजों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था, जिनका निरीक्षण होना था। प्रदेश भर में नर्सिंग फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पहली बार निरीक्षण कराने की जिम्मेदारी कलेक्टरों को दी गई थी, पर उन्होंने रुचि नहीं ली।

स्वास्थ्य आयुक्त के बार-बार पत्र लिखने के बाद अब जाकर निरीक्षण पूरा हो पाया है। अब इस रिपोर्ट के आधार पर मान्यता जारी की जाएगी। फर्जीवाड़े के चलते मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण दो वर्ष से नए कॉलेज नहीं खुले थे। इस वर्ष कुछ नए कॉलेजों को भी मान्यता मिलेगी। इन 172 कॉलेजों के अतिरिक्त सीबीआई ने जिन कॉलेजों को अपनी जांच रिपोर्ट में उपयुक्त बताया था, उन्हें बिना निरीक्षण ही नवीनीकरण की मान्यता मिल जाएगी।

देरी से विद्यार्थियों को यह नुकसान

बीएससी नर्सिंग और डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल से प्रवेश परीक्षा आयोजित होने के बाद परीक्षा परिणाम जारी किए जा चुके हैं। अभ्यर्थी लगभग दो माह से काउंसलिंग प्रारंभ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

राजस्थान में सहित अन्य राज्यों में या तो पूरी हो गई है या अंतिम चरण में है। ऐसे में मध्य प्रदेश के जिन अभ्यर्थियों को यहां के कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिल पाएगा वे दूसरे राज्यों में भी प्रवेश नहीं ले पाएंगे। दूसरा नुकसान यह है कि प्रवेश में देरी होने से विद्यार्थियों का पूरा सत्र देर हो जाएगा।

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