महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को एक बार फिर मुसलमानों को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति सरकार एक हिंदुत्ववादी सरकार है. यह सरकार हिंदु के वोटों से चुनी गई है. किसी भी मुसलमान ने पार्टी को वोट नहीं दिया है. मंत्री राणे ने यह विवादित बयान मानखुर्द क्षेत्र में एक दुर्गा पंडाल के दौरे के दौरान दिया. राणे ने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और ऐसा करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
मंत्री ने मुसलमानों की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा, “महाराष्ट्र की यह सरकार हिंदू वोटों के समर्थन से चुनी गई है. जो लोग टोपी पहनते हैं, उन्होंने पार्टी को एक भी वोट नहीं दिया.” बीजेपी नेता ने मुसलमानों को चेतावनी देते हुए कहा कि आप अपने त्योहार शांतिपूर्वक मनाएं और हम अपने मनाएंगे. हमारी तरफ आंख उठाकर मत देखिए. उन्होंने कहा कि हम मुंबई का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
मंत्री राणे ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति त्योहार मनाने के लिए अनुमति चाहता है, तो वह सरकार से सीधे संपर्क कर सकता है. सरकार की तरफ से उसे शीर्घ अनुमति दे दी जाएगी.
क्यों बड़ा विवाद?
दरअसल, बीते रविवार रात मानखुर्द में देवी दुर्गा की मूर्ति को कथित तौर पर खंडित किए जाने के बाद तनाव बढ़ गया था, जिसके कारण दो समूहों के बीच झड़प हो गई. बाद में उस मूर्ति को विसर्जित कर दिया गया था और उसी पंडाल में एक नई दुर्गा मूर्ति की स्थापना हुई.
कई बार दे चुके हैं विवादित बयान
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब मंत्री राणे ने इस तरह का कोई विवादित बयान दिया हो. इससे पहले उन्होंने कहा था कि नवरात्रि में आयोजित होने वाला गरबा कार्यक्रम ‘लव जिहाद’ का केंद्र बन रहे हैं. इससे पहले उन्होंने वोटिंग पैटर्न को लेकर कहा था कि मुसलमान हरे सांप हैं और वह हिंदु वोटर की मदद से विधायक बने हैं. मंत्री के इस विवादित बयान ने विवाद खड़ा कर दिया था.
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