दुर्ग: जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में 4 लोगों की जान चली गई. इनमें पिता और 6 साल का बेटा भी शामिल है. पहला हादसा नंदिनी टाउनशिप में हुआ, जबकि दूसरा हादसा बोरी थाना क्षेत्र के लिटिया-बोरी मार्ग पर घटित हुआ. दोनों घटनाओं में 3 लोग गंभीर रूप से घायल भी बताए जा रहे हैं.
पहला हादसा नंदिनी टाउनशिप: दशहरा मैदान के पास रात करीब 9 बजे यहां हादसा हुआ. जानकारी के अनुसार, 40 साल का सुखदेव साहू अपनी पत्नी के जन्मदिन के अवसर पर अपने दोनों बच्चों अरमान (6 साल) और आराध्या (8 साल) को लेकर केक लेने निकला था. इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रही बाइक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी.
पिता और बच्चे ने तोड़ा दम: हादसे में सुखदेव और दोनों बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए, वहीं दूसरी बाइक पर सवार शख्स भी चोटिल हुआ. सभी को नंदिनी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. इस दौरान 6 साल के अरमान ने दम तोड़ दिया. इलाज के दौरान रविवार सुबह पिता सुखदेव की भी मौत हो गई. जबकि 8 साल की आराध्या सेक्टर-9 अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रही है. पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
दूसरी घटना 19 सितंबर की: बोरी थाना क्षेत्र के ग्राम बड़े पूरदा के पास हादसा हुआ. 3 दोस्त कार से कवर्धा से वापस आ रहे थे. कार की स्पीड बहुत तेज थी और ड्राइवर गाड़ी को लहरा कर चला रहा था. इसी बीच गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरा. हादसे में आशीष चौधरी और रविश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. जबकि कार चला रहा दीपक सिंह गंभीर रूप से घायल हुआ है. पुलिस ने दीपक सिंह को इस हादसे का दोषी ठहराया है.
इन दोनों घटनाओं ने जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक ओर तेज रफ्तार और लापरवाही ने मासूम बच्चे और पिता की जान ले ली, वहीं दूसरी ओर युवाओं की जोखिम भरी ड्राइविंग की वजह से जान चली गई. स्थानीय लोग लगातार सड़क पर स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं.
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