बठिंडा: जीदा गांव में 10 सितंबर को हुए दो छोटे धमाकों की जांच अभी भी जारी है। इस हादसे में 19 साल के गुरप्रीत सिंह और उनके पिता जगतार सिंह घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए एम्स बठिंडा भेजा गया है।
धमाके के बाद पुलिस ने घर को तीन-स्तरीय सुरक्षा में सील कर दिया है। मौेके पर पहुंती सेना और बम निरोधक टीम (EOD) ने घर में मिले खतरनाक रसायन को सुरक्षित तरीके से नष्ट करने का काम शुरू किया। इस दौरान मिट्टी के बैग, प्लास्टिक और सुरक्षात्मक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। टीमों ने रोबोटिक तकनीक से कम तीव्रता वाले नियंत्रित विस्फोट कर रसायन को खत्म किया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इलाके को पूरी तरह सुरक्षित घोषित करने से पहले सेना की रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच का इंतजार किया जाएगा। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ये खतरनाक रसायन ऑनलाइन खरीदे थे और वह कट्टरपंथी सामग्री भी देख रहा था। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहें न फैलाने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। आरोपी को रिमांड पर लिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया जाएगा।
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