Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पाकिस्तान ने पंजाब के सीएम भगवंत मान को वीजा देने पर कही बड़ी बात, लाहौर में होने वाले सम्मेलन का मा... टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा, सोशल मीडिया वीडियो शेयर ... केन्या में अंधविश्वास का खौफनाक अंत— 191 लोगों की भूख से हत्या करने वाले पास्टर पॉल मैकेंजी को 200 स... अमेजन सेल में सस्ता हुआ Samsung का प्रीमियम फोल्डेबल स्मार्टफोन, जानिए नई कीमत और फीचर्स प्रकाश और उत्साह के पर्व दीपावली की पूर्व संध्या पर मनाई जाने वाली छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्दशी का ... दीपावली पर मां लक्ष्मी को लगाएं मखाने की खीर का भोग, अटका हुआ धन पाने और आर्थिक तंगी दूर करने के अचू... दिल्ली में हवा हुई बेहद जहरीली, एक्यूआई 382 पर पहुंचा— एनसीआर में ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू बेंगलुरु नरसंहार मामले में सनसनीखेज खुलासा, आरोपी कैब ड्राइवर ने नाबालिग बेटी का किया ब्रेनवाश— 10 स... बॉक्स ऑफिस पर गरज उठी रणबीर कपूर की ‘रामायण’, दो दिनों में पार किया 221 करोड़ का आंकड़ा— इन बड़ी फिल... अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में आई जबरदस्त तेजी, करीब 200 दिनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचकर 93...

8 साल की उम्र में हुआ था लापता, अब पहुंचा परिवार के पास… 21 साल बाद पिता से मिले बेटे की दर्दभरी कहानी

65

बिहार के भागपुर जिले के रहने वाला एक शख्स 21 साल बाद अपने परिवार से मिला तो सभी की आंखें नम हो गईं. परिजनों ने बताया कि सोनू 2004 में परिवार से बिछड़ गया था. सोनू बुआ के घर पर रहता था और वहीं से गायब हो गया था. जिसके बाद उसे ढूंढने की कोशिश की गई लेकिन वो कहीं नहीं मिला. जिसके बाद सोनू के गायब होने की सूचना पुलिस को दी गई. सोनू के गायब होने की सूचना के बाद मां बेहद परेशान रहने लगी थी, इसी गम में मां की मौत हो गई थी. आज सोनू हम लोगों के बीच है, सभी लोग बेहद खुश हैं.

दरअसल, भागलपुर जिले के नवगछिया स्थित पकड़ा गांव के रहने वाले हरिशंकर प्रसाद सिंह का बेटा सोनू कुमार उर्फ मनोज कप्तान अप्रैल 2004 में रक्सौल से गायब हो गया था. तब उसकी उम्र करीब आठ-नौ साल की थी. सोनू बुआ निर्मला देवी के घर रक्सौल में रहता था. सोनू जिस दिन गायब हुआ, बुआ किसी रिश्तेदार के घर गई थीं. लौटीं तो सोनू गायब था. उसके लापता होने की खबर बुआ ने दी जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया. परिवार ने गांव-गांव, शहर-शहर और यहां तक कि नेपाल तक सोनू को ढूंढ़ा, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला. शुक्रवार की शाम इस परिवार की किस्मत ने अचानक करवट ली.

पिता की आंखों से झलके आंसू

दरअसल, हरिशंकर को एक तस्वीर दिखाई गई. जानकारी दी गई कि उनका बेटा सोनू है और धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती है. हरिशंकर यह सुनकर सन्न रह गए. पूरा परिवार उम्मीद और घबराहट के साथ धनबाद के निकल पड़ा, जब अस्पताल पहुंचे तो सोनू को पहचाना. बेटे को देख पिता हरिशंकर रो पड़े और सोनू को सीने से लगा लिया.

अस्पताल कर्मी की पहल से मिला परिवार

सोनू का उसके परिवार से मिलाने के लिए अस्पताल कर्मी दीपक सिंह ने अहम रोल निभाया. दीपक ने बताया कि गुरुवार की सुबह एक मरीज उसके सामने से घसीटता हुआ जा रहा था. इस दौरान उसे रोक कर उससे पूछताछ की. उसने अपना नाम सोनू बताया. काफी याद कर बताया कि वह भागलपुर के नवगछिया गांव का रहने वाला है. इतना ही नहीं उसने ये भी बताया कि भूमिहार ब्राह्मण परिवार से है. लेकिन वो गांव का नाम नहीं बता पाया. सोनू के बताने के बाद दीपक ने उसकी तस्वीर के साथ, उससे जुड़ी जानकारी भागलपुर में अपने रिश्तेदार को भेजी. सोशल मीडिया की मदद से दीपक के रिश्तेदार ने नवगछिया के कुछ भूमिहार ब्राह्मण परिवार तक जानकारी पहुंचाई. रात में दीपक के पास सोनू के परिजनों का कॉल आया और जानकारी ली. दूसरे दिन शाम सोनू के परिजन अस्पताल पहुंच गए.

बेटे की याद में चल बसी मां

बेटे की जुदाई का दर्द इतना गहरा था कि वो सदमे की वजह से दो साल पहले चल बसी. परिजनों के अनुसार, चार बच्चों में सोनू दूसरे नंबर का था. सोनू के गायब होने के बाद से पिता हरिशंकर प्रसाद सिंह भी टूट गए. वर्षों बीत गए और घर-आंगन से हंसी-खुशी लगभग गायब हो गई थी. बच्चे बड़े होते गए और उनकी अपनी गृहस्थी बनती चली गई. इन सबके बीच चार बेटों मे से एक बेटे के गायब होने का दर्द हरिशंकर के सीने में हमेशा उठता रहा.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.