सीएम मोहन यादव ने आज भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में ‘तूर्यनाद-25’ कार्यक्रम में शिरकत की । इस मौके पर मोहन यादव ने छात्रों को मातृभाषा हिंदी की ओर प्रेरित किया और हिंदी महत्व को समझाया। इस दौरान सीएम मोहन ने एक बड़ा दावा कर दिया। मोहन यादव ने कहा कि “सूरीनाम देश” का असली नाम ‘श्रीराम’ था। उच्चारण की वजह से उसका नाम बदल गया है।
समय के साथ उच्चारण बदलने से सूरीनाम का नाम भी बदला-CM
मोहन यादव ने कार्यक्रम में दक्षिणी अमेरिकी देश सूरीनाम के संबंध में बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस देश का नाम ‘श्रीराम’ था। वक्त के साथ उच्चारण बदलने से देश का नाम सूरीनाम हो गया ।इस संबंध में सीएम मोहन यादव ने एक वाक्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उज्जैन में सूरीनाम के राजदूत ने भी यह बात कही थी। उनसे देश के सही नाम पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमारे देश का असल नाम श्रीराम है। समय के साथ उच्चारण बदल जाने से यह सूरीनाम हो गया।
वही इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने मैनिट में हिंदी की ताकत और महत्व पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि करीब एक हजार साल पुरानी यह भाषा कई उतार-चढ़ाव और चुनौतियां झेल चुकी है। हिंदी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह आम आदमी से लेकर बड़े नेताओं तक ज़ुबान है।
मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने स्थानीय भाषाओं में उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। दुनिया के बड़े देशों में बच्चे अपनी मातृभाषा में पढ़कर डॉक्टर, इंजीनियर बनते हैं। सीएम ने कहा कि जब रूस, चीन और जापान के बच्चे अपनी भाषा में डॉक्टर बन सकते हैं, तो भारत के बच्चे क्यों नहीं बन सकते? यही कारण है कि हमने हिंदी में मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराई। सीएम मोहन यादव ने भविष्य में मैनिट में और बड़े कार्यक्रम करने और मुख्यमंत्री निवास पर राष्ट्रभाषा हिंदी पर संवाद करने का आमंत्रण दिया।
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